तेजस की वापसी: 8 अप्रैल से फिर भरेंगे उड़ान; सॉफ्टवेयर की खामी हुई दू
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तेजस की वापसी: 8 अप्रैल से फिर भरेंगे उड़ान; सॉफ्टवेयर की खामी हुई दू

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली (2 अप्रैल 2026): HAL के सीएमडी डी.के. सुनील ने घोषणा की है कि सभी 34 तेजस विमानों का बेड़ा आगामी बुधवार (8 अप्रैल) से पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।

1. उड़ान पर रोक क्यों लगी थी?

  • फरवरी की घटना: फरवरी 2026 के पहले सप्ताह में एक तेजस विमान रनवे से आगे निकल गया था। शुरुआती जांच में इसे ब्रेक फेल होने या सॉफ्टवेयर संबंधी समस्या माना गया था।

  • सुरक्षा प्रोटोकॉल: एहतियात के तौर पर भारतीय वायु सेना ने पूरे बेड़े की व्यापक जांच के आदेश दिए थे और उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया था।

  • समाधान: HAL ने विमान के सॉफ्टवेयर में पाई गई तकनीकी खामी को सफलतापूर्वक ठीक कर लिया है।


2. तेजस मार्क 1A (Tejas Mk-1A) की आपूर्ति और देरी:

वायु सेना को नए संस्करण (Mk-1A) की डिलीवरी को लेकर भी महत्वपूर्ण अपडेट साझा किए गए हैं:

  • दिसंबर तक का लक्ष्य: HAL इस साल दिसंबर तक 20 से अधिक लड़ाकू विमान तैयार कर लेगा।

  • तत्काल आपूर्ति: 6 विमानों की आपूर्ति जल्द ही की जा सकती है, क्योंकि रडार और मिसाइल-फायरिंग सिस्टम के अंतिम परीक्षण जारी हैं।

  • इंजन का संकट: अमेरिकी कंपनी GE एयरोस्पेस द्वारा F-404 इंजनों की आपूर्ति में देरी के कारण डिलीवरी प्रभावित हुई है। अब तक केवल 5 इंजन मिले हैं, छठे की उम्मीद जल्द है।


3. GE एयरोस्पेस पर जुर्माना:

देरी को गंभीरता से लेते हुए HAL ने कड़ा रुख अपनाया है:

  • पेनल्टी: अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन और समय सीमा पूरी न करने के लिए HAL ने जीई एविएशन (GE Aviation) पर जुर्माना लगाया है।

  • बड़ा सौदा: फरवरी 2021 में 83 तेजस Mk-1A के लिए 48,000 करोड़ रुपये का समझौता हुआ था, जिसे समय पर पूरा करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।


4. भविष्य की रणनीति:

  • समीक्षा समिति: मई 2026 में एक 'परियोजना समीक्षा समिति' विमानों के प्रदर्शन और आपूर्ति श्रृंखला की अंतिम मंजूरी दे सकती है।

  • स्वदेशी ताकत: तेजस की वापसी से वायु सेना की युद्धक क्षमता (Combat Capability) फिर से अपनी पूरी ताकत पर होगी।


निष्कर्ष:

तेजस का फिर से उड़ान भरना भारतीय रक्षा क्षेत्र और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के लिए एक बड़ी जीत है। तकनीकी खामियों को इतनी जल्दी पहचान कर दूर करना HAL की इंजीनियरिंग क्षमता को दर्शाता है। हालांकि, इंजनों के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भरता अभी भी एक चुनौती बनी हुई है, जिस पर सरकार जुर्माना लगाकर और दबाव बनाकर काम कर रही है।

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