राजनाथ सिंह की चेतावनी: "पाकिस्तान की किसी भी दुस्साहसिक हरकत का जवाब होगा अभूतपूर्व"
आज की ताजा खबर
LIVE

राजनाथ सिंह की चेतावनी: "पाकिस्तान की किसी भी दुस्साहसिक हरकत का जवाब होगा अभूतपूर्व"

12, 2, 2026

11

image

तिरुवनंतपुरम (2 अप्रैल 2026): रक्षा मंत्री ने चुनावी राज्य केरल में पूर्व सैनिकों और सैन्य परिवारों को संबोधित करते हुए भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया।

1. 'ऑपरेशन सिंदूर': आतंकवाद पर सबसे बड़ा प्रहार

राजनाथ सिंह ने हाल ही में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' का विशेष उल्लेख किया, जिसे उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान बताया:

  • पृष्ठभूमि: अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी।

  • कार्रवाई: इसके जवाब में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया और मात्र 22 मिनट के भीतर पाकिस्तान के आतंकी बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर उसे घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।

  • संदेश: सिंह ने आगाह किया कि यह अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। यदि पाकिस्तान दोबारा ऐसी हिमाकत करता है, तो अंजाम "अभूतपूर्व" होगा।


2. सुरक्षा नीति में 'शिफ्ट' (Surgical Strike to Op Sindhu):

रक्षा मंत्री ने पिछली सरकारों (संप्रग) और वर्तमान राजग सरकार के बीच कार्यप्रणाली के अंतर को स्पष्ट किया:

  • निर्णायक नेतृत्व: उन्होंने उरी के बाद सर्जिकल स्ट्राइक, पुलवामा के बाद एयर स्ट्राइक और अब पहलगाम के बाद ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत अब घर में घुसकर मारने की क्षमता रखता है।

  • शून्य सहनशीलता: उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में हमलों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती थी, जबकि अब आतंकवाद पर करारा प्रहार किया जा रहा है।


3. भविष्य की रणनीतिक स्वायत्तता:

  • सतर्कता: राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमा पार से "दुस्साहस" की आशंका हमेशा बनी रहती है, लेकिन भारतीय सेना हर स्थिति के लिए तैयार है।

  • राष्ट्रीय लचीलापन: उन्होंने जोर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना केवल सैन्य नहीं, बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति का भी परिणाम है।


निष्कर्ष:

तिरुवनंतपुरम में राजनाथ सिंह का यह बयान न केवल पाकिस्तान के लिए एक कड़ा कूटनीतिक संदेश है, बल्कि घरेलू मोर्चे पर सरकार की "मजबूत सुरक्षा" की छवि को भी पुख्ता करता है। 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे आधुनिक सैन्य अभियानों का जिक्र कर उन्होंने देश को आश्वस्त किया है कि नई रक्षा नीति में अब "प्रतीक्षा" के लिए कोई स्थान नहीं है।

Powered by Froala Editor