जम्मू-कश्मीर पुलिस में बड़ा फेरबदल: 82 अधिकारियों के तबादले; CID और क्राइम ब्रांच को मिले नए IGP
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जम्मू-कश्मीर पुलिस में बड़ा फेरबदल: 82 अधिकारियों के तबादले; CID और क्राइम ब्रांच को मिले नए IGP

12, 2, 2026

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जम्मू (2 अप्रैल 2026): प्रधान सचिव चंद्राकर भारती द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह फेरबदल प्रशासनिक दक्षता और सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखकर किया गया है।

1. शीर्ष स्तर पर महत्वपूर्ण नियुक्तियां (IGP & DIG):

  • तेजिंदर सिंह (IPS): इन्हें सीआईडी (CID) का नया पुलिस महानिरीक्षक (IGP) नियुक्त किया गया है।

  • सारा रिज़वी (IPS): उधमपुर-रियासी रेंज की डीआईजी से प्रोन्नत कर अपराध शाखा (Crime Branch) का आईजीपी बनाया गया है।

  • विनोद कुमार (IPS): इन्हें उत्तरी कश्मीर का नया डीआईजी नियुक्त किया गया है (मकसूद-उल-ज़मान का स्थान लेंगे)।

  • हसीब-उर-रहमान (IPS): कश्मीर के नए डीआईजी (यातायात) होंगे।

  • संदीप वज़ीर: राजौरी-पुंछ रेंज के नए डीआईजी।

  • सरगुन: डोडा-किश्तवाड़-रामबन रेंज की नई डीआईजी।


2. जिलों के नए कप्तान (SSP/SP):

कई महत्वपूर्ण जिलों में नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) की तैनाती की गई है:

जिलानए एसएसपी / एसपीपूर्व अधिकारी (जिनका स्थान लिया)
अनंतनागअमृतपाल सिंहआमोद नागपुरे अशोक
उधमपुरआमोद नागपुरे अशोकअमृतपाल सिंह
गांदरबलसुधांशु धामाखलील अहमद पोसवाल
डोडाकार्तिक श्रोत्रिय-
सांबाअनुज कुमार-
रियासीमुकुंद टिबरेवाल-
बडगामहरिप्रसाद के.के.-

3. सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण तैनातियां:

  • सुकांत एस. बल्लभ: जम्मू के नए एसएसपी (सुरक्षा) नियुक्त किए गए।

  • शमशेर हुसैन: जम्मू पुलिस नियंत्रण कक्ष (PCR) के एसएसपी।

  • अमित गुप्ता: एसएसपी (सीआईडी), जम्मू।

  • सज्जाद खालिद भट: एसएसपी (सुरक्षा), कश्मीर।

  • ज़ाहिद नसीम मनहास: डीआईजी, रेलवे।


4. फेरबदल का रणनीतिक महत्व:

  • आतंकवाद विरोधी अभियान: उत्तरी कश्मीर और अनंतनाग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में नए अधिकारियों की नियुक्ति आतंकवाद विरोधी अभियानों में नई ऊर्जा भरने के लिए की गई है।

  • प्रशासनिक सुधार: गांदरबल जैसी जगहों पर, जहाँ हाल ही में मुठभेड़ विवाद हुआ था, नए एसएसपी (सुधांशु धामा) की नियुक्ति पारदर्शी प्रशासन का संकेत है।

  • अनुभव का संतुलन: इस सूची में 34 IPS और 48 JKPS (जम्मू कश्मीर पुलिस सेवा) अधिकारियों का मिश्रण है, जो स्थानीय अनुभव और केंद्रीय विशेषज्ञता के बीच संतुलन बनाता है।


निष्कर्ष:

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का यह कदम दर्शाता है कि सीमावर्ती क्षेत्रों और आंतरिक सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इतने व्यापक स्तर पर तबादलों का उद्देश्य न केवल पुलिसिंग को बेहतर बनाना है, बल्कि खुफिया तंत्र (CID) और जांच प्रणालियों (Crime Branch) को भी आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप ढालना है।

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