हरिद्वार अर्धकुंभ से पहले बड़ा फैसला: शहरी क्षेत्र से हटेंगी मांस की दुकानें; सराय गांव में होगा स्थानांतरण
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हरिद्वार अर्धकुंभ से पहले बड़ा फैसला: शहरी क्षेत्र से हटेंगी मांस की दुकानें; सराय गांव में होगा स्थानांतरण

12, 2, 2026

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धार्मिक आस्था और स्वच्छता के लिए नगर निगम का कड़ा कदम; 6 अप्रैल को आएगा प्रस्ताव

हरिद्वार (3 अप्रैल 2026): अगले साल होने वाले अर्धकुंभ 2027 की तैयारियों के बीच हरिद्वार प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। शहर के रिहायशी और व्यापारिक क्षेत्रों से कच्चे मांस की सभी दुकानों को हटाकर शहर से बाहर सराय गांव में शिफ्ट किया जाएगा।

खबर के मुख्य बिंदु:

  • प्रस्ताव की तैयारी: हरिद्वार की महापौर किरण जैसल ने बताया कि 6 अप्रैल को होने वाली नगर निगम बोर्ड की बैठक में इस संबंध में औपचारिक प्रस्ताव पेश किया जाएगा।

  • अवैध दुकानों पर शिकंजा: निगम ने केवल 20 दुकानों को लाइसेंस दिया है, लेकिन शहर में बड़ी संख्या में अवैध दुकानें चल रही हैं। नए नियम के बाद इन सभी का चालान काटा जाएगा और इन्हें स्थायी रूप से शहर से बाहर किया जाएगा।

  • गंदगी और आवारा कुत्तों की समस्या: महापौर के अनुसार, खुले में मांस की बिक्री से न केवल गंदगी फैलती है, बल्कि शहर में आवारा कुत्तों का आतंक भी बढ़ रहा है।

  • पके हुए मांस पर भी चर्चा: बोर्ड की बैठक में होटलों और ढाबों में परोसे जाने वाले पके हुए मांस (Cooked Meat) के नियमों पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी।

  • धार्मिक संगठनों का समर्थन: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी ने इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए शहरी क्षेत्र में मांस-मदिरा की बिक्री पर पूर्ण रोक आवश्यक है।

पृष्ठभूमि: वर्तमान नियमों के अनुसार, हर की पौड़ी के 5 किलोमीटर के दायरे में मांस-मदिरा की बिक्री पहले से ही प्रतिबंधित है। अब इस दायरे को व्यावहारिक रूप से पूरे शहरी क्षेत्र (ज्वालापुर, जगजीतपुर आदि) तक विस्तारित करने की तैयारी है।

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