अयोध्या में शर्मनाक लापरवाही: अस्पताल में डॉक्टर नदारद, फोन पर दिए निर्देश; प्रसव के दौरान मां और नवजात की मौत
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अयोध्या में शर्मनाक लापरवाही: अस्पताल में डॉक्टर नदारद, फोन पर दिए निर्देश; प्रसव के दौरान मां और नवजात की मौत

12, 2, 2026

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बिना प्रशिक्षित स्टाफ के चल रहा था अस्पताल; स्वास्थ्य विभाग ने किया सील

अयोध्या (3 अप्रैल 2026): रामनगरी अयोध्या के एक निजी अस्पताल में मानवता और चिकित्सा नैतिकता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। फैजाबाद शहर के 'मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल' में कथित चिकित्सीय लापरवाही के कारण एक 32 वर्षीय महिला और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। आरोप है कि प्रसव के समय कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और फोन पर मिल रहे निर्देशों के आधार पर अप्रशिक्षित कर्मचारियों ने प्रक्रिया को अंजाम दिया।

खबर के मुख्य बिंदु:

  • फोन पर 'इलाज': बेनीगंज निवासी सुरेश यादव ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी सोनी यादव के प्रसव के दौरान डॉ. अंजलि श्रीवास्तव अस्पताल में मौजूद नहीं थीं। एक महिला कर्मचारी फोन पर डॉक्टर से निर्देश लेकर प्रसव करा रही थी।

  • दोहरी मौत का तांडव: प्रसव के आधे घंटे बाद कर्मचारियों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। जब परिवार बच्चे को लेकर दूसरे डॉक्टर के पास गया, तो पीछे से सोनी की हालत भी बिगड़ गई और अस्पताल ने उसे दूसरे सेंटर रेफर कर दिया, जहाँ उसे भी मृत घोषित कर दिया गया।

  • अस्पताल प्रबंधक कर रहा था 'देखरेख': शिकायत मिलने पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने टीम के साथ छापा मारा। जांच में पता चला कि अस्पताल का प्रबंधक महेश सिंह, जो कि कोई डॉक्टर नहीं है, वह मरीजों के ऑपरेशन और देखरेख की निगरानी कर रहा था।

  • प्रशासनिक कार्रवाई: स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के रिकॉर्ड अधूरे पाए और मेडिकल कचरा प्रबंधन में भी भारी अनियमितता मिली। अस्पताल को तुरंत सील कर दिया गया है और वहां भर्ती अन्य मरीजों को जिला महिला अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।

निष्कर्ष: सुरेश और सोनी की शादी पिछले साल ही हुई थी और यह उनका पहला बच्चा था। पीड़ित परिवार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होते ही कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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