ग्रैंड वेनिस मॉल घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डर सतिंदर भसीन की जमानत रद्द की; ₹50 करोड़ जब्त, एक हफ्ते में सरेंडर का आदेश
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ग्रैंड वेनिस मॉल घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डर सतिंदर भसीन की जमानत रद्द की; ₹50 करोड़ जब्त, एक हफ्ते में सरेंडर का आदेश

12, 2, 2026

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जमानत की शर्तों का उल्लंघन पड़ा भारी; ₹5 करोड़ नालसा और ₹45 करोड़ आईआरपी को देने का निर्देश

नयी दिल्ली (3 अप्रैल 2026): उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित बहुचर्चित ग्रैंड वेनिस मॉल (Grand Venice Mall) घोटाले के मुख्य आरोपी और कारोबारी सतिंदर सिंह भसीन को उच्चतम न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने भसीन को दी गई जमानत रद्द करते हुए उन्हें एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।

खबर के मुख्य बिंदु:

  • जमानत रद्द करने का कारण: न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एनके सिंह की पीठ ने पाया कि सतिंदर भसीन ने 6 नवंबर 2019 को जमानत देते समय लगाई गई शर्तों का पालन नहीं किया। इसी आधार पर उनकी रियायत वापस ले ली गई है।

  • भारी जुर्माना और जब्ती: शीर्ष अदालत ने जमानत की शर्त के रूप में जमा किए गए 50 करोड़ रुपये और उस पर अर्जित ब्याज को जब्त करने का आदेश दिया है।

    • इसमें से 5 करोड़ रुपये राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) को दिए जाएंगे।

    • शेष राशि दिवाला प्रक्रिया (IBC) के तहत अंतरिम समाधान पेशेवर (IRP) को सौंपी जाएगी ताकि पीड़ितों को राहत मिल सके।

  • पासपोर्ट पर पाबंदी: कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि निचली अदालत सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना भसीन का पासपोर्ट जारी नहीं करेगी।

  • नई जमानत की शर्त: पीठ ने कहा कि भसीन 12 महीने की जेल के बाद ही नई नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सकेंगे, बशर्ते वह दिवालियापन की कार्यवाही (Insolvency proceedings) के आदेशों का पूरी तरह पालन करें।

पृष्ठभूमि: भसीन इंफोटेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दिल्ली और उत्तर प्रदेश में करीब 46 एफआईआर दर्ज हैं। आवंटियों ने आरोप लगाया था कि उन्हें इकाइयों का कब्जा नहीं दिया गया, उनके धन की हेरा-फेरी की गई और अधिकारियों की मिलीभगत से भूमि आवंटन में धांधली हुई।

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