संसद में बरसीं महुआ मोइत्रा: CAPF बिल को बताया 'सशस्त्र बलों का अपमान'; कहा- विपक्ष के खिलाफ IPS को मोहरा बना रही सरकार
आज की ताजा खबर
LIVE

संसद में बरसीं महुआ मोइत्रा: CAPF बिल को बताया 'सशस्त्र बलों का अपमान'; कहा- विपक्ष के खिलाफ IPS को मोहरा बना रही सरकार

12, 2, 2026

14

image

'देश के लिए खून बहाने वालों का मनोबल गिरा रही सरकार'; तृणमूल ने विधेयक को प्रवर समिति भेजने की उठाई मांग

नयी दिल्ली (3 अप्रैल 2026): केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 को लेकर लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा ने सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इस विधेयक के जरिए सशस्त्र बलों के कैडर अधिकारियों की अनदेखी कर IPS अधिकारियों को उनके ऊपर थोपा जा रहा है।

खबर के मुख्य बिंदु:

  • विपक्ष के खिलाफ 'हथियार': महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि सरकार सीएपीएफ (CAPF) का प्रमुख पुलिस अधिकारियों (IPS) को बनाने का प्रावधान लाकर उन्हें चुनावों के दौरान विपक्ष के खिलाफ एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है।

  • हितधारकों की अनदेखी: टीएमसी सांसद ने दावा किया कि यह विधेयक लाने से पहले सीमा पर तैनात उन अधिकारियों और जवानों से कोई परामर्श नहीं किया गया, जो आपदा राहत और सुरक्षा ड्यूटी में अपनी जान जोखिम में डालते हैं।

  • अदालती फैसलों का अपमान: मोइत्रा ने कहा कि सरकार पहले तो अपने ही जवानों के खिलाफ अदालतों में मुकदमा लड़ती है और जब फैसला जवानों के पक्ष में आता है, तब भी सही कदम उठाने के बजाय उनका मनोबल गिराने वाले कानून लाती है।

  • कृषि कानूनों की याद दिलाई: सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, "दबाव में तीन कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा था, अब वैसी ही गलती दोबारा न करें।" उन्होंने मांग की कि इस विधेयक को विस्तृत चर्चा के लिए संसद की प्रवर समिति (Select Committee) को भेजा जाए।

निष्कर्ष: महुआ मोइत्रा ने कार्य परिस्थितियों में सुधार और सुविधाएं बढ़ाने के बजाय केवल प्रशासनिक नियंत्रण (Cadre Management) पर जोर देने के लिए सरकार की कड़ी आलोचना की। फिलहाल इस विधेयक पर सदन में बहस जारी है।

Powered by Froala Editor