भारत में 'सैटेलाइट इंटरनेट' की आहट: एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक और भारत सरकार के बीच वार्ता अंतिम दौर में; रिमोट इलाकों को मिलेगा हाई-स्पीड डेटा
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भारत में 'सैटेलाइट इंटरनेट' की आहट: एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक और भारत सरकार के बीच वार्ता अंतिम दौर में; रिमोट इलाकों को मिलेगा हाई-स्पीड डेटा

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली (3 अप्रैल 2026): भारत जल्द ही वैश्विक सैटेलाइट इंटरनेट मानचित्र पर आने वाला है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पेसएक्स (SpaceX) की प्रेसिडेंट ग्विन शॉटवेल के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की है। इस बैठक को एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) के भारत में प्रवेश के अंतिम पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • रिमोट कनेक्टिविटी: स्टारलिंक का मुख्य फोकस भारत के उन दूरदराज के क्षेत्रों (पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों) पर होगा जहां फाइबर ऑप्टिक्स या मोबाइल टावर पहुंचाना मुश्किल है। इससे 'डिजिटल इंडिया' अभियान को नई गति मिलेगी।

  • डाटा लोकलाइजेशन और सुरक्षा: भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि स्टारलिंक को भारतीय डेटा सुरक्षा नियमों और नेशनल सिक्योरिटी प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया अब प्रशासनिक आधार पर होने की संभावना है, जिससे विदेशी कंपनियों के लिए रास्ता आसान हुआ है।

  • IPO और निवेश: स्पेसएक्स अपनी सैटेलाइट यूनिट 'स्टारलिंक' का आईपीओ लाने की तैयारी में है और भारत जैसा बड़ा बाजार इसकी वैल्यूएशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

  • प्रतिस्पर्धा: भारत में स्टारलिंक का सीधा मुकाबला रिलायंस जियो की 'जियोस्पेस' और भारती एयरटेल की 'वनवेब' (OneWeb) से होगा, जिससे ग्राहकों को कम कीमत पर बेहतर इंटरनेट सेवाएं मिलने की उम्मीद है।

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