साइबर अपराधियों का नया हथियार 'डीपफेक' (Deepfake): भारत में 2026 की पहली तिमाही में 60% बढ़े वित्तीय धोखाधड़ी के मामले; सरकार ने जारी किया 'सुरक्षा कवच'
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साइबर अपराधियों का नया हथियार 'डीपफेक' (Deepfake): भारत में 2026 की पहली तिमाही में 60% बढ़े वित्तीय धोखाधड़ी के मामले; सरकार ने जारी किया 'सुरक्षा कवच'

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली/बेंगलुरु (3 अप्रैल 2026): भारत में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया और गंभीर खतरा 'डीपफेक एआई' के रूप में उभरा है। गृह मंत्रालय के 'साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (I4C) ने रिपोर्ट दी है कि जालसाज अब वीडियो कॉल के दौरान एआई की मदद से किसी परिचित का चेहरा और आवाज बनाकर लोगों से लाखों की ठगी कर रहे हैं।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) का झांसा: अपराधी खुद को पुलिस या सीबीआई अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और लोगों को डराकर उनसे 'सेटलमेंट' के नाम पर पैसे वसूलते हैं। 2026 में ऐसे मामलों में 40% की वृद्धि देखी गई है।

  • सरकार की 'एआई चेक' पहल: आईटी मंत्रालय ने एक नया पोर्टल लॉन्च किया है जहाँ नागरिक किसी भी संदिग्ध वीडियो या ऑडियो की सत्यता की जांच कर सकते हैं। साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए डीपफेक सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य कर दिया गया है।

  • बैंकों की नई सुरक्षा: आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन के लिए केवल ओटीपी (OTP) पर निर्भर न रहें, बल्कि 'बायोमेट्रिक' और 'फेस आईडी' जैसे बहु-स्तरीय सत्यापन (MFA) को लागू करें।

  • साइबर बीमा का बढ़ता बाजार: बढ़ते खतरों को देखते हुए भारत में 'व्यक्तिगत साइबर बीमा' (Personal Cyber Insurance) लेने वालों की संख्या में 55% की बढ़ोतरी हुई है, जो अब मध्यम वर्ग के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता बनती जा रही है।

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