स्मार्ट सिटीज का नया रूप: भारत के 20 शहरों में शुरू हुआ 'वर्टिकल फॉरेस्ट' और 'जीरो वेस्ट' प्रोजेक्ट; रहने लायक शहरों की सूची में भारतीय शहरों की रैंकिंग सुधरी

स्मार्ट सिटीज का नया रूप: भारत के 20 शहरों में शुरू हुआ 'वर्टिकल फॉरेस्ट' और 'जीरो वेस्ट' प्रोजेक्ट; रहने लायक शहरों की सूची में भारतीय शहरों की रैंकिंग सुधरी

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली/पुणे (3 अप्रैल 2026): आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने 'स्मार्ट सिटीज मिशन 2.0' के तहत शहरी जीवन को पूरी तरह से बदलने का खाका पेश किया है। अब फोकस केवल तकनीक पर नहीं, बल्कि 'सस्टेनेबल लिविंग' (स्थायी जीवन) पर है।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • वर्टिकल फॉरेस्ट बिल्डिंग्स: बेंगलुरु और पुणे जैसे महानगरों में अब ऐसी इमारतों का निर्माण अनिवार्य किया जा रहा है जिनकी बालकनियों और छतों पर हजारों पेड़-पौधे होंगे। यह न केवल शहर के तापमान को कम करेगा, बल्कि हवा की गुणवत्ता (AQI) में भी सुधार लाएगा।

  • जीरो वेस्ट सिटीज: इंदौर की तर्ज पर अब 20 और शहरों को 'जीरो वेस्ट' बनाने का लक्ष्य है। यहाँ कचरे का 100% पृथक्करण और प्रसंस्करण (Processing) किया जाएगा, जिससे लैंडफिल साइट्स (कचरे के पहाड़) का नामोनिशान मिट जाएगा।

  • 15-मिनट सिटी कॉन्सेप्ट: शहरों को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि नागरिकों की सभी मूलभूत जरूरतें (स्कूल, अस्पताल, पार्क, बाजार) उनके घर से 15 मिनट की पैदल दूरी या साइकिल की दूरी पर हों। इससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में भारी कमी आएगी।

  • डिजिटल जुड़वां (Digital Twins): बड़े शहरों का डिजिटल नक्शा तैयार किया जा रहा है, जिससे बाढ़, आग या अन्य आपात स्थितियों के दौरान रियल-टाइम डेटा के जरिए त्वरित राहत पहुंचाई जा सकेगी।

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