5G के बाद अब 6G की बारी: भारत में '6G टेस्टबेड' का सफल परीक्षण; 100 गुना तेज़ इंटरनेट और 'होलाग्राफिक कॉलिंग' का सपना होगा सच
आज की ताजा खबर
LIVE

5G के बाद अब 6G की बारी: भारत में '6G टेस्टबेड' का सफल परीक्षण; 100 गुना तेज़ इंटरनेट और 'होलाग्राफिक कॉलिंग' का सपना होगा सच

12, 2, 2026

19

image

नयी दिल्ली (3 अप्रैल 2026): संचार मंत्रालय ने भारत को वैश्विक दूरसंचार मानचित्र पर अग्रणी बनाने के लिए 'भारत 6G विजन' के तहत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) और सी-डॉट (C-DOT) के सहयोग से विकसित '6G टेस्टबेड' ने लैब ट्रायल के दौरान 1 टेराबिट प्रति सेकंड (1 Tbps) की अविश्वसनीय गति दर्ज की है।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • स्पीड और लेटेंसी: 6G तकनीक 5G की तुलना में 100 गुना अधिक तेज़ होगी। इसकी 'लेटेंसी' (डेटा ट्रांसफर में देरी) लगभग शून्य होगी, जिससे रिमोट सर्जरी और स्वायत्त वाहनों (Autonomous Vehicles) का संचालन पूरी तरह सुरक्षित और सटीक हो जाएगा।

  • होलाग्राफिक संचार: 6G के आने से वीडियो कॉलिंग का स्वरूप बदल जाएगा। अब लोग 3D होलाग्राम के जरिए एक-दूसरे के सामने 'साक्षात' उपस्थित महसूस कर सकेंगे। यह तकनीक शिक्षा और बिजनेस मीटिंग्स के लिए क्रांतिकारी साबित होगी।

  • टेराहर्ट्ज़ (THz) स्पेक्ट्रम: भारत अब टेराहर्ट्ज़ बैंड के उपयोग पर काम कर रहा है, जो घनी आबादी वाले इलाकों में भी बिना किसी रुकावट के हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

  • पेटेंट और मानक: भारत ने अब तक 6G से जुड़े 200 से अधिक वैश्विक पेटेंट हासिल कर लिए हैं। लक्ष्य यह है कि 2030 तक जब दुनिया में 6G कमर्शियल लॉन्च हो, तब भारत इसके वैश्विक मानक (Standards) तय करने वाला देश हो।

Powered by Froala Editor