पार्टी और लोन' अब पलक झपकते: भारत में 'डिजिटल क्रेडिट' की नई लहर; बिना कागजी कार्रवाई के 5 मिनट में ₹5 लाख तक का ऋण मिलना शुरू
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पार्टी और लोन' अब पलक झपकते: भारत में 'डिजिटल क्रेडिट' की नई लहर; बिना कागजी कार्रवाई के 5 मिनट में ₹5 लाख तक का ऋण मिलना शुरू

12, 2, 2026

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मुंबई/नयी दिल्ली (3 अप्रैल 2026): भारत ने यूपीआई (UPI) के बाद अब 'डिजिटल लेंडिंग' (Digital Lending) में दुनिया को राह दिखाई है। रिजर्व बैंक (RBI) के नए 'पब्लिक टेक प्लेटफॉर्म' के जरिए अब छोटे व्यापारियों और वेतनभोगी कर्मचारियों को महज कुछ क्लिक्स में असुरक्षित ऋण (Unsecured Loans) मिल रहे हैं।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • क्रेडिट ऑन यूपीआई: अब ग्राहक अपने यूपीआई ऐप के जरिए सीधे बैंक से 'प्री-अप्रूव्ड' क्रेडिट लाइन ले सकते हैं। यानी जेब में पैसा न होने पर भी आप यूपीआई से उधार लेकर भुगतान कर सकते हैं और बाद में चुका सकते हैं।

  • डेटा-आधारित स्कोरिंग: अब बैंक पारंपरिक 'सिबिल स्कोर' के साथ-साथ ग्राहक के डिजिटल लेनदेन व्यवहार (UPI हिस्ट्री, बिजली बिल भुगतान) का विश्लेषण करके लोन दे रहे हैं। इससे उन करोड़ों लोगों को लोन मिल रहा है जिनके पास पहले कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं थी।

  • धोखाधड़ी पर लगाम: आरबीआई के नए नियमों के तहत, लोन की राशि सीधे ग्राहक के खाते में आती है और 'लोन ऐप्स' द्वारा किए जाने वाले मानसिक उत्पीड़न पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

  • MSME को मजबूती: छोटे दुकानदारों को अब अपनी कार्यशील पूंजी (Working Capital) के लिए साहूकारों के पास नहीं जाना पड़ता। वे अपने दैनिक क्यूआर कोड लेनदेन के आधार पर तुरंत 'वर्किंग कैपिटल लोन' प्राप्त कर रहे हैं।

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