किसान ड्रोन' का कमाल: भारत के 50,000 गांवों में ड्रोन से खाद और कीटनाशकों का छिड़काव शुरू; खेती की लागत में 25% की कमी

किसान ड्रोन' का कमाल: भारत के 50,000 गांवों में ड्रोन से खाद और कीटनाशकों का छिड़काव शुरू; खेती की लागत में 25% की कमी

12, 2, 2026

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लखनऊ/चंडीगढ़ (3 अप्रैल 2026): भारत के ग्रामीण परिदृश्य में 'ड्रोन' अब आम दृश्य बन गए हैं। 'ड्रोन शक्ति' योजना के तहत केंद्र सरकार ने 50,000 से अधिक गांवों में सहकारी समितियों को व्यावसायिक ड्रोन उपलब्ध कराए हैं, जिससे खेती करने के पारंपरिक तरीके बदल गए हैं।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • सटीक छिड़काव (Precision Spraying): ड्रोन तकनीक से कीटनाशकों का छिड़काव अब बहुत सटीक हो गया है। पहले जहाँ 1 एकड़ में 200 लीटर पानी लगता था, अब ड्रोन मात्र 10 लीटर पानी और कम रसायन के साथ वही काम कर रहा है। इससे मिट्टी की सेहत भी सुधर रही है।

  • फसल निगरानी: सेंसर लगे ड्रोन अब फसल के स्वास्थ्य का रियल-टाइम डेटा दे रहे हैं। वे बता सकते हैं कि खेत के किस हिस्से में पानी या खाद की कमी है, जिससे किसान 'स्मार्ट सिंचाई' कर पा रहे हैं।

  • ड्रोन पायलट रोज़गार: गांवों के हजारों युवाओं को 'ड्रोन पायलट' के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। अब ये युवा अपनी सेवाएं देकर प्रति माह ₹30,000 से ₹50,000 तक कमा रहे हैं।

  • नैनो यूरिया के साथ जुगलबंदी: ड्रोन और नैनो यूरिया (लिक्विड) का संयोजन भारतीय खेती के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ है, जिससे पैदावार में 15% की वृद्धि दर्ज की गई है।

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