विमेन-लेड' स्टार्टअप्स की धूम: भारत में 25% यूनिकॉर्न की कमान अब महिलाओं के हाथ; सरकार ने 'नारी शक्ति' फंड के तहत ₹5,000 करोड़ बांटे
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विमेन-लेड' स्टार्टअप्स की धूम: भारत में 25% यूनिकॉर्न की कमान अब महिलाओं के हाथ; सरकार ने 'नारी शक्ति' फंड के तहत ₹5,000 करोड़ बांटे

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली/बेंगलुरु (3 अप्रैल 2026): भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब 'जेंडर-न्यूट्रल' होने की ओर अग्रसर है। 2026 की पहली तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, भारत के नए उभरते स्टार्टअप्स में से 40% की संस्थापक महिलाएं हैं। इनमें से कई कंपनियां अब 'यूनिकॉर्न' ($1 बिलियन वैल्यूएशन) बन चुकी हैं।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • विविध सेक्टर्स में धाक: महिलाएं अब केवल ब्यूटी या फैशन तक सीमित नहीं हैं। डीप-टेक, फिनटेक, स्पेस-टेक और एग्री-टेक में महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स निवेशकों की पहली पसंद बने हुए हैं।

  • नारी शक्ति वेंचर फंड: सिडबी (SIDBI) के माध्यम से सरकार ने महिला उद्यमियों को बिना गारंटी के ऋण और शुरुआती निवेश (Seed Funding) प्रदान किया है। इससे छोटे शहरों की महिलाओं को भी अपना व्यवसाय शुरू करने का साहस मिला है।

  • मेंटरशिप प्रोग्राम: 'Startup India' पोर्टल पर अब विशेष रूप से महिला संस्थापकों के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से जुड़ने की सुविधा दी गई है, जिससे उन्हें वैश्विक बाजारों तक पहुँचने में मदद मिल रही है।

  • सामाजिक प्रभाव: महिला उद्यमियों द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप्स में महिला कर्मचारियों की संख्या 50% से अधिक है, जिससे महिला श्रम बल भागीदारी (LFPR) में सुधार हुआ है।

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