भारत का अभेद्य 'डिजिटल किला': सेना और बैंकों के लिए 'क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन' (QKD) नेटवर्क लॉन्च; अब हैकिंग होगी नामुमकिन

भारत का अभेद्य 'डिजिटल किला': सेना और बैंकों के लिए 'क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन' (QKD) नेटवर्क लॉन्च; अब हैकिंग होगी नामुमकिन

12, 2, 2026

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हैदराबाद/नयी दिल्ली (3 अप्रैल 2026): साइबर युद्ध के बढ़ते खतरों को देखते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक संचार प्रणालियों को 'क्वांटम-सुरक्षित' बना लिया है। डीआरडीओ और दूरसंचार विभाग ने मिलकर देश का पहला व्यावसायिक 'क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन' नेटवर्क लॉन्च किया है, जो जासूसी और डेटा चोरी को असंभव बना देगा।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • अभेद्य एन्क्रिप्शन: पारंपरिक एन्क्रिप्शन को भविष्य के सुपरकंप्यूटर तोड़ सकते हैं, लेकिन क्वांटम की (Key) भौतिकी के नियमों पर आधारित है। यदि कोई हैकर डेटा को बीच में सुनने (Eavesdrop) की कोशिश करता है, तो डेटा अपने आप नष्ट हो जाता है और भेजने वाले को तुरंत पता चल जाता है।

  • बैंकिंग और फिनटेक: प्रमुख भारतीय बैंकों ने अपने डेटा सेंटरों के बीच लेनदेन को सुरक्षित करने के लिए इस नेटवर्क का उपयोग शुरू कर दिया है। इससे अंतरराष्ट्रीय 'स्विफ्ट' (SWIFT) लेनदेन की सुरक्षा कई गुना बढ़ गई है।

  • रणनीतिक महत्व: भारतीय थल सेना और वायु सेना के बीच संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक विशेष 'क्वांटम कॉरिडोर' स्थापित किया गया है, जो किसी भी बाहरी इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप से मुक्त है।

  • आत्मनिर्भर भारत: यह पूरी तकनीक और हार्डवेयर भारत में ही विकसित किए गए हैं, जिससे विदेशी उपकरणों पर निर्भरता और उनमें छिपे 'बैकडोर' (Backdoor) का खतरा समाप्त हो गया है।

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