पानी पर तैरते बिजली घर: भारत ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा 'फ्लोटिंग सोलर पार्क'; बांधों और जलाशयों से पैदा होगी 10 गीगावाट बिजली

पानी पर तैरते बिजली घर: भारत ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा 'फ्लोटिंग सोलर पार्क'; बांधों और जलाशयों से पैदा होगी 10 गीगावाट बिजली

12, 2, 2026

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ओंकारेश्वर/नयी दिल्ली (3 अप्रैल 2026): भारत ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भूमि की कमी की समस्या का समाधान 'फ्लोटिंग सोलर' (Floating Solar) के रूप में खोज लिया है। मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर बांध और तेलंगाना के जलाशयों में स्थापित तैरते हुए सौर पैनलों ने अब व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • दोहरा लाभ: ये पैनल पानी की सतह पर तैरते हैं, जिससे जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं पड़ती। साथ ही, ये पैनल पानी के वाष्पीकरण (Evaporation) को 30-40% तक कम करते हैं, जिससे जल संरक्षण में मदद मिलती है।

  • उच्च कार्यक्षमता: पानी के ठंडा प्रभाव के कारण सोलर सेल का तापमान नियंत्रित रहता है, जिससे इनकी बिजली पैदा करने की क्षमता जमीन पर लगे पैनलों की तुलना में 10% अधिक होती है।

  • पारिस्थितिकी संतुलन: वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि इन पैनलों से जलाशय के जलीय जीवन (मछलियों आदि) पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ रहा है, क्योंकि इन्हें इस तरह डिजाइन किया गया है कि सूरज की पर्याप्त रोशनी पानी के अंदर जा सके।

  • ग्रीन ग्रिड: भारत का लक्ष्य 2030 तक सभी प्रमुख बांधों के 20% जलाशय क्षेत्र को फ्लोटिंग सोलर से कवर करना है, जिससे देश को असीमित हरित ऊर्जा मिल सकेगी।

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