10 मिनट डिलीवरी का नया दौर: ड्रोन के जरिए छत पर पहुंचेगा सामान; जोमैटो और ब्लिंकिट ने शुरू किया 'ड्रोन लॉजिस्टिक्स' नेटवर्क
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10 मिनट डिलीवरी का नया दौर: ड्रोन के जरिए छत पर पहुंचेगा सामान; जोमैटो और ब्लिंकिट ने शुरू किया 'ड्रोन लॉजिस्टिक्स' नेटवर्क

12, 2, 2026

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बेंगलुरु/नयी दिल्ली (3 अप्रैल 2026): भारत के ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी सेक्टर ने ड्रोन तकनीक को अपनाकर पूरी दुनिया को पीछे छोड़ दिया है। अब बड़े शहरों के चुनिंदा इलाकों में 'हाइपर-लोकल डिलीवरी' के लिए ड्रोनों का उपयोग शुरू हो गया है, जो ट्रैफिक जाम की समस्या को पूरी तरह खत्म कर रहा है।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • छत से छत तक डिलीवरी: डिलीवरी कंपनियां अब आवासीय सोसायटियों की छतों पर 'ड्रोन पैड' बना रही हैं। ड्रोन स्टोर से सामान उठाकर सीधे इन पैड्स पर ड्रॉप करता है, जहाँ से रोबोट या स्थानीय स्टाफ उसे ग्राहक के दरवाजे तक पहुँचाता है।

  • दवाइयों की इमरजेंसी सप्लाई: इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ ब्लड बैग्स और जीवन रक्षक दवाइयों को अस्पताल पहुँचाने में हो रहा है। ड्रोन एम्बुलेंस के फंसने की चिंता किए बिना मिनटों में गंतव्य तक पहुँच रहे हैं।

  • परिचालन लागत में कमी: इलेक्ट्रिक ड्रोन से डिलीवरी करने पर पेट्रोल का खर्च शून्य हो गया है, जिससे कंपनियों को लंबी अवधि में भारी मुनाफा होगा और डिलीवरी शुल्क भी कम होगा।

  • हवाई यातायात प्रबंधन: सरकार ने 'स्काई मैनेजमेंट' के लिए नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है ताकि ड्रोनों की आपसी टक्कर और सुरक्षा संबंधी खतरों को रोका जा सके।

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