भारत में 'हाइपरलूप' का पहला सफल ट्रैक तैयार: मुंबई-पुणे का सफर अब केवल 25 मिनट में; भारत बना इस तकनीक का परीक्षण करने वाला तीसरा देश
आज की ताजा खबर
LIVE

भारत में 'हाइपरलूप' का पहला सफल ट्रैक तैयार: मुंबई-पुणे का सफर अब केवल 25 मिनट में; भारत बना इस तकनीक का परीक्षण करने वाला तीसरा देश

12, 2, 2026

10

image

पुणे/मुंबई (4 अप्रैल 2026): यातायात की दुनिया में एक क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत भारत से होने जा रही है। महाराष्ट्र सरकार और वर्जिन हाइपरलूप ने मिलकर मुंबई-पुणे कॉरिडोर पर 10 किमी के प्रायोगिक ट्रैक का निर्माण पूरा कर लिया है। ट्रायल के दौरान पॉड (Pod) ने 700 किमी/घंटा की गति हासिल की।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • वैक्यूम ट्यूब तकनीक: हाइपरलूप में पॉड्स को लो-प्रेशर वैक्यूम ट्यूब्स के अंदर मैग्नेटिक लेविटेशन के जरिए चलाया जाता है। घर्षण (Friction) न होने के कारण यह विमान की गति से भी तेज़ चल सकता है।

  • ऊर्जा की बचत: यह सिस्टम पूरी तरह सोलर और विंड एनर्जी पर आधारित है। एक हाइपरलूप ट्रिप में पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में 90% कम ऊर्जा खर्च होती है।

  • लॉजिस्टिक्स में क्रांति: यात्रियों के साथ-साथ इसका उपयोग 'हाई-वैल्यू कार्गो' के लिए भी किया जाएगा। जेएनपीटी (JNPT) बंदरगाह से पुणे के औद्योगिक क्षेत्रों तक कच्चा माल अब मिनटों में पहुँचेगा।

  • सुरक्षा और मानक: भारत इस तकनीक के लिए वैश्विक सुरक्षा मानक (Global Safety Standards) तैयार करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। पूर्ण संचालन 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है।

Powered by Froala Editor