भारत की 'डिजिटल ढाल' तैयार: थल, जल और नभ के बाद अब चौथी कमान 'साइबर डिफेंस एजेंसी' पूरी तरह सक्रिय; दुश्मन के सर्वर जाम करने में सक्षम
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भारत की 'डिजिटल ढाल' तैयार: थल, जल और नभ के बाद अब चौथी कमान 'साइबर डिफेंस एजेंसी' पूरी तरह सक्रिय; दुश्मन के सर्वर जाम करने में सक्षम

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए भारत ने अपनी 'साइबर डिफेंस एजेंसी' (CDA) को पूर्ण कमान का दर्जा दे दिया है। अब सेना के पास दुश्मन के बुनियादी ढांचे (पावर ग्रिड, बैंकिंग, संचार) को डिजिटल रूप से निष्क्रिय करने की 'ऑफेंसिव' और 'डिफेंसिव' दोनों क्षमताएं हैं।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • कवच प्रणाली: यह एजेंसी देश के महत्वपूर्ण संस्थानों (Critical Infrastructure) की 24/7 निगरानी करती है। हाल ही में इसने पड़ोसी देशों से होने वाले 10 लाख से अधिक 'रैंसमवेयर' हमलों को विफल किया है।

  • स्वदेशी फायरवॉल: सेना अब पूरी तरह स्वदेशी 'माया ऑपरेटिंग सिस्टम' और भारतीय एन्क्रिप्शन का उपयोग कर रही है, जिससे विदेशी जासूसी की संभावना समाप्त हो गई है।

  • साइबर वारियर्स: सेना में अब 'टेक्निकल ऑफिसर्स' की भर्ती के लिए अलग से विंग बनाई गई है, जहाँ टॉप हैकर्स और डेटा वैज्ञानिकों को कमीशन दिया जा रहा है।

  • रणनीतिक बढ़त: रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के युद्ध बिना गोली चलाए कीबोर्ड से जीते जाएंगे, और भारत अब इस क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष 5 देशों में शामिल है।

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