अब हर स्मार्टफोन में होगा भारतीय जीपीएस: 'नाविक' (NavIC) का विस्तार पूरा; अमेरिकी जीपीएस (GPS) से अधिक सटीक और तेज़ होगा भारत का अपना नेविगेशन
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अब हर स्मार्टफोन में होगा भारतीय जीपीएस: 'नाविक' (NavIC) का विस्तार पूरा; अमेरिकी जीपीएस (GPS) से अधिक सटीक और तेज़ होगा भारत का अपना नेविगेशन

12, 2, 2026

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बेंगलुरु/नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): भारत ने अंतरिक्ष और नेविगेशन के क्षेत्र में अपनी 'डिजिटल संप्रभुता' हासिल कर ली है। इसरो (ISRO) ने घोषणा की है कि भारत का अपना नेविगेशन सिस्टम 'नाविक' (NavIC) अब पूरे भारतीय उपमहाद्वीप और सीमा से 1500 किमी दूर तक पूरी सटीकता के साथ काम कर रहा है।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • स्मार्टफोन कंपनियों के लिए अनिवार्य: सरकार ने नए नियमों के तहत भारत में बिकने वाले सभी 5G और 6G स्मार्टफोन्स के लिए 'नाविक' चिपसेट का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। अब गूगल मैप्स और अन्य ऐप्स सीधे भारतीय सैटेलाइट्स से डेटा लेंगे।

  • सटीकता में सुधार: अमेरिकी जीपीएस के मुकाबले नाविक अधिक सटीक है क्योंकि यह 'ड्यूल बैंड' (L5 और S बैंड) का उपयोग करता है। यह घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और तंग शहरी गलियों में भी लोकेशन को 5 मीटर से कम की त्रुटि के साथ ट्रैक कर सकता है।

  • रणनीतिक सुरक्षा: युद्ध या आपातकाल की स्थिति में भारत को अब विदेशी नेविगेशन सिस्टम पर निर्भर नहीं रहना होगा। सेना के मिसाइल गाइडिंग सिस्टम और विमान अब पूरी तरह 'नाविक' के जरिए संचालित हो रहे हैं।

  • मछुआरों के लिए वरदान: 'नाविक' ऐप अब समुद्र में मछली पकड़ने वाले नाविकों को चक्रवात की चेतावनी और 'इंटरनेशनल मैरीटाइम बाउंड्री' (IMBL) पार करने पर तुरंत अलर्ट भेजता है, जिससे उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।

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