स्कूली बच्चों के लिए इसरो (ISRO) की नई पहल: 'स्पेस ओरिएंटेशन' प्रोग्राम से जुड़ेंगे 1 लाख छात्र; राज्यसभा में सरकार ने दी जानकारी
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स्कूली बच्चों के लिए इसरो (ISRO) की नई पहल: 'स्पेस ओरिएंटेशन' प्रोग्राम से जुड़ेंगे 1 लाख छात्र; राज्यसभा में सरकार ने दी जानकारी

12, 2, 2026

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बेंगलुरु/नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): भारत सरकार ने देश के भविष्य के वैज्ञानिकों को तैयार करने के लिए 'स्पेस ओरिएंटेशन प्रोग्राम' का विस्तार किया है। डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस (DoS) ने राज्यसभा में बताया कि अब सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी इसरो के केंद्रों का भ्रमण और सैटेलाइट मेकिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • निजी क्षेत्र की भागीदारी: सरकार ने स्पेस रिसर्च में निजी कंपनियों के लिए दरवाजे पूरी तरह खोल दिए हैं। अब स्टार्टअप्स न केवल उपग्रह बना रहे हैं बल्कि इसरो के लॉन्चपैड का व्यावसायिक उपयोग भी कर रहे हैं।

  • स्पेस इकोनॉमी: भारत का लक्ष्य 2030 तक वैश्विक स्पेस इकोनॉमी में अपनी हिस्सेदारी 8% तक ले जाना है। वर्तमान में भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स को ₹5,000 करोड़ से अधिक का विदेशी निवेश मिल चुका है।

  • युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम (YUVIKA): इस कार्यक्रम के तहत इस साल रिकॉर्ड 50,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है।

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