भाषाई दूरियां खत्म: नेटफ्लिक्स और अमेज़न प्राइम पर अब हर भारतीय फिल्म 15 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध; एआई-डबिंग तकनीक से मनोरंजन बाजार में उछाल
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भाषाई दूरियां खत्म: नेटफ्लिक्स और अमेज़न प्राइम पर अब हर भारतीय फिल्म 15 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध; एआई-डबिंग तकनीक से मनोरंजन बाजार में उछाल

12, 2, 2026

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मुंबई (4 अप्रैल 2026): मनोरंजन जगत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने एक नई क्रांति ला दी है। प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने अब एआई-आधारित 'वॉयस क्लोनिंग' तकनीक का उपयोग शुरू किया है, जिससे किसी फिल्म को दूसरी भाषा में डब करने का समय हफ़्तों से घटकर मात्र घंटों रह गया है।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • ओरिजिनल वॉयस: इस तकनीक की खासियत यह है कि यह अभिनेता की असली आवाज, लहजे और भावनाओं को दूसरी भाषा में हुबहू कॉपी करती है। इससे दर्शकों को 'सिंथेटिक' आवाज के बजाय अपने पसंदीदा स्टार की आवाज में ही कंटेंट सुनने को मिलता है।

  • क्षेत्रीय फिल्मों की धमक: अब मलयालम या मराठी सिनेमा की छोटी बजट की फिल्में भी उत्तर भारत और विदेशों में अपनी भाषा की बाधा के बिना बड़ी दर्शक संख्या जुटा रही हैं।

  • रॉयल्टी और कानून: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय एआई-डबिंग के लिए नए रॉयल्टी नियम बनाने पर काम कर रहा है, ताकि मूल कलाकारों और डबिंग आर्टिस्ट्स के हितों की रक्षा हो सके।

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