उत्तराखंड के बाद अब दो और राज्यों में 'समान नागरिक संहिता' (UCC) के तहत लिव-इन पंजीकरण अनिवार्य करने पर विचार; सामाजिक सुरक्षा को बताया मुख्य आधार
आज की ताजा खबर
LIVE

उत्तराखंड के बाद अब दो और राज्यों में 'समान नागरिक संहिता' (UCC) के तहत लिव-इन पंजीकरण अनिवार्य करने पर विचार; सामाजिक सुरक्षा को बताया मुख्य आधार

12, 2, 2026

10

image

देहरादून/नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के सफल क्रियान्वयन के बाद, अब राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार ने भी अपने राज्यों में इसी तरह के कानून का मसौदा तैयार करने के लिए उच्च-स्तरीय समितियों का गठन किया है।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • लिव-इन नियम: प्रस्तावित कानून में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए स्थानीय प्रशासन के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कानूनी सुरक्षा देना और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जवाबदेही तय करना है।

  • पैतृक संपत्ति: कानून में लिव-इन से पैदा हुए बच्चों को भी पैतृक संपत्ति में समान अधिकार देने का प्रावधान है।

  • विवाद और समर्थन: जहाँ कुछ सामाजिक कार्यकर्ता इसे निजता का उल्लंघन बता रहे हैं, वहीं महिला संगठनों का मानना है कि इससे शोषण और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी।

Powered by Froala Editor