पटरियों पर 'स्वच्छ' सफर: भारत की पहली 'ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन' का सफल ट्रायल पूरा; धुएं के बजाय पानी छोड़ेगी यह ट्रेन, 2027 से शुरू होगा परिचालन
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पटरियों पर 'स्वच्छ' सफर: भारत की पहली 'ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन' का सफल ट्रायल पूरा; धुएं के बजाय पानी छोड़ेगी यह ट्रेन, 2027 से शुरू होगा परिचालन

12, 2, 2026

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जींद/हरियाणा (4 अप्रैल 2026): भारतीय रेलवे ने कार्बन फुटप्रिंट को शून्य करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच देश की पहली ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन का सफल परीक्षण किया गया। यह ट्रेन डीजल इंजन की तुलना में पूरी तरह शोर रहित है और पर्यावरण को रत्ती भर भी नुकसान नहीं पहुँचाती।

विस्तृत विश्लेषण:

  • ईंधन की तकनीक: ट्रेन में हाइड्रोजन फ्यूल सेल का उपयोग किया गया है, जो ऑक्सीजन और हाइड्रोजन के रासायनिक मेल से बिजली पैदा करते हैं। इस प्रक्रिया में केवल 'जल वाष्प' (Water Vapor) बाहर निकलता है।

  • ऊर्जा आत्मनिर्भरता: रेलवे इन ट्रेनों के लिए हाइड्रोजन का उत्पादन अपने सौर ऊर्जा संयंत्रों (Solar Plants) के जरिए करेगा। इससे रेलवे का डीजल पर होने वाला सालाना ₹10,000 करोड़ का खर्च बचेगा।

  • हेरिटेज रूट्स: शुरुआती चरण में इन ट्रेनों को दार्जिलिंग, शिमला और नीलगिरी जैसे 'यूनेस्को हेरिटेज' रूट्स पर चलाया जाएगा ताकि वहां की प्राकृतिक सुंदरता और शुद्धता बनी रहे।

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