रजत जयंती कार्यक्रम में छात्रों ने रंगोली व मेहंदी बनाई, विजेताओं को किया सम्मानित
आज की ताजा खबर
LIVE

रजत जयंती कार्यक्रम में छात्रों ने रंगोली व मेहंदी बनाई, विजेताओं को किया सम्मानित

24, 9, 2025

39

image

जांजगीर (छत्तीसगढ़) में एक भव्य रजत जयंती समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूल के छात्र-छात्राओं ने रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिताएँ आयोजित कीं। इस संस्कृति-उत्सव के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखायी और श्रेष्ठ कार्यों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का आरंभ और आयोजन

समारोह की शुरुआत औपचारिक उद्घाटन से हुई, जिसमें स्कूल एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को शुभारंभ किया। इसके बाद रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिताएँ कार्यक्रम की मुख्य गतिविधियाँ रहीं। छात्रों को पहले से सूचित करके उन्हें रचनात्मक रूप से विचार एवं डिज़ाइन तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया था।

रंगोली प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने रंगों, फूलों, समरूप एवं पारंपरिक आकृतियों का उपयोग किया। मेहंदी प्रतियोगिता में हाथों और पैरों पर जटिल एवं सुंदर डिज़ाइन बनाए गए, जिनमें पारंपरिक पैटर्न, फूल, ज्यामितीय आकार आदि शामिल थे। ये गतिविधियाँ सिर्फ होड़ की नहीं थीं, बल्कि सांस्कृतिक समृद्धि, सौंदर्यबोध और रचनात्मकता को बढ़ावा देने वाली थीं।

भागीदारी और उत्साह

कार्यक्रम में अधिकांश छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की। न सिर्फ वे प्रतियोगिताओं में शामिल हुए, बल्कि आयोजन, व्यवस्था, सजावट एवं सहायता कार्यों में भी योगदान दिया। माता-पिता, शिक्षक, और स्थानीय लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित थे, बच्चों के उत्साह और रचनात्मकता को देखते हुए मुस्कुराते रहे।

उपस्थितों ने यह देखा कि कैसे छात्र सजगता से डिज़ाइन चुनते हैं, रंगों का संयोजन सोच-समझ कर करते हैं, और मेहंदी की रेखाएँ इतनी सूक्ष्म और सुंदर बनाते हैं। इस तरह का उत्सव विद्यार्थी जीवन में रचनात्मक ऊर्जा जागृत करने में मदद करता है।

विजेताओं का चयन व सम्मान

प्रतियोगिताओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्रों को निर्णायक मंडल द्वारा चयनित किया गया। इस निर्णायक मंडल में कला और शिल्प विषय के शिक्षक शामिल थे। उन्होंने रचनात्मकता, सुंदरता, नवीनता और निष्पादन को आधार बनाकर विजेताओं का चयन किया।

सम्मान समारोह में विजेताओं को पुरस्कार देकर उनकी उपलब्धि को सार्वजनिक रूप से सराहा गया। पुरस्कार स्वरूप प्रमाणपत्र, पुरस्कार सामग्री या उपहार दिए गए। इस सम्मान ने छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें आगे बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी।

महत्व एवं प्रभाव

इस तरह का कार्यक्रम विद्यालय और समाज दोनों के लिए महत्वपूर्ण है:

  • यह सांस्कृतिक चेतना और रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करता है।

  • छात्रों को कला-क्रियाओं में भाग लेने का अवसर मिलता है, जो उनके व्यक्तित्व विकास में सहायक होता है।

  • स्कूल और समुदाय को जोड़ने का माध्यम बनता है — अभिभावकों, शिक्षक और स्थानीय लोग इस तरह के कार्यक्रमों में शामिल होकर सामूहिक साझा अनुभव बनाते हैं।

  • बच्चों के अंदर टीम भावना, आयोजन क्षमता और आत्मनिर्भरता बढ़ती है।

निष्कर्ष

रजत जयंती समारोह में छात्र-छात्राओं द्वारा रंगोली व मेहंदी प्रतियोगिताएँ, और विजेताओं को सम्मानित करना, एक प्रेरणादायक पहल रही। इस आयोजन ने केवल एक उत्सव का रूप नहीं लिया, बल्कि कला, संस्कृति और सामुदायिक भागीदारी का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।

Powered by Froala Editor