छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी — २५ जिलों में अलर्ट

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी — २५ जिलों में अलर्ट

24, 9, 2025

22

image

छत्तीसगढ़ में मौजूदा मौसम की स्थिति ने लोगों को सावधान कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में अचानक हुई मूसलाधार बारिश और साथ ही तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने २५ जिलों में तूफान और बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में खासकर रायपुर, दुर्ग, रायगढ़ और बिलासपुर शामिल हैं।


भारी बारिश का मंजर और उसके असर

  • राज्य के कई इलाकों में ऐसे दृश्य देखने को मिले जहां नदियाँ उफान पर थीं और पानी पुलों तथा सड़कों पर फैल गया।

  • सारंगढ़ इलाके में एक कार उफनती नाले की लहरों में बह गई। तीन लोग तैरते हुए वहां से सुरक्षित निकाले गए। वो तमाशा देखने वालों को हैरान कर गया कि कैसे पानी अचानक इतनी तेजी से बढ़ गया।

  • खबरों के मुताबिक, अनेक गांवों में संपर्क टूट गया है, सड़कों और पुलिया पर पानी चढ़ गया है, जिससे आवागमन बाधित हो गया।

  • कुछ इलाकों में घरों व दुकानों में पानी घुसने की घटनाएँ भी हुईं, जिससे बुनियादी सुविधाएँ अस्त-व्यस्त हो गईं।


चेतावनी और सुरक्षा निर्देश

मौसम विभाग ने २५ जिलों में येलो-एलेर्ट (पहले स्तर की चेतावनी) जारी की है। इसका मतलब है — स्थिति वर्तमान में ख़तरे की श्रेणी में नहीं है पर सावधानी बरतनी आवश्यक है।
इन निर्देशों का पालन करना बेहद ज़रूरी है:

  1. खुले स्थानों जैसे खेत या मैदान में रहने से बचें—बिजली गिरने का खतरा रहता है।

  2. वृक्षों या ऊँची इमारतों के नीचे न खड़े हों जब बादल गरजने लगें।

  3. नीचे-नीचे वाले इलाकों से तुरंत दूरी बनाएँ—बारिश बढ़ने पर पानी का तेज बहाव हो सकता है।

  4. सड़क पार करते समय सावधानी बरतें—पिछली थम्सिन बारिश ने कई सड़क पुलों को कमजोर कर दिया हो सकता है।

  5. मौसम अपडेट्स पर नजर रखें—स्थानीय समाचार, रेडियो या मौसम ऐप्स द्वारा समय-समय पर सूचना लेते रहें।


सामाजिक, आर्थिक और जनजीवन पर असर

  • कृषि क्षेत्रों में फसल पानी में डूबने का ख़तरा बढ़ गया है। कई किसान धान की फसलियों को नुकसान देखकर चिंतित हैं।

  • ग्रामीण इलाकों में संपर्क टूटने से आपूर्ति श्रृंखलाएँ प्रभावित हो रही हैं — राशन, दवाइयाँ, जरूरी सामान गाँवों तक नहीं पहुँच पा रहे।

  • बिजली आपूर्ति बाधित हुई — पेड़ टूटने, बिजली पोल गिरने और तारों में शॉर्ट सर्किट की घटनाएँ सामने आ रही हैं।

  • स्कूलों और कार्यालयों में छुटियाँ या बंदिशें लग सकती हैं यदि स्थिति और खराब हो जाए।

  • इमरजेंसी सेवाओं — एनडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन — को लगातार तैनात रखना पड़ रहा है ताकि संकट में फँसे लोगों को बचाया जा सके।


क्या कारण हो सकते हैं?

  • मॉनसून गतिविधि राज्य में बढ़ी हुई है, जिसके कारण आकाशीय अस्थिरता बनी हुई है।

  • बादलों में नमी की अधिकता और ऊँचे तापमान ने तूफानी हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को जन्म दिया है।

  • नदियों और नालों में पानी पहले ही ऊँचे स्तर पर था; नई बारिश ने उन्हें उफनाने की कगार पर ला दिया।


निष्कर्ष

मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह वक्त सिर्फ सावधानी बरतने का नहीं, बल्कि समाज, प्रशासन और व्यक्तियों को एक साझा ज़िम्मेदारी की याद दिलाने का है। राज्य के नागरिकों को संयम, सतर्कता और सहयोग से काम लेना चाहिए।
बारिश और तूफान की इस अवधि में आपकी सुरक्षा पहले आए — बेहतर है कि जब तक हालात बेहतर न हों, खुली जगहों में जाना और अनावश्यक यात्रा करना टाला जाए।

Powered by Froala Editor