कांकेर में नक्सली मुठभेड़ के दौरान किसानों की भागदौड़: सुरक्षा और आशंका का मिश्रण

कांकेर में नक्सली मुठभेड़ के दौरान किसानों की भागदौड़: सुरक्षा और आशंका का मिश्रण

29, 9, 2025

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छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के सरोना क्षेत्र स्थित तिरियारपानी गांव में रविवार सुबह एक नक्सली मुठभेड़ ने स्थानीय किसानों के बीच दहशत का माहौल बना दिया। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत अपने काम छोड़कर गांव की ओर दौड़ पड़े। यह घटना न केवल सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच संघर्ष को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा और उनके जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव को भी उजागर करती है।

मुठभेड़ का विवरण

रविवार सुबह कांकेर शहर से लगभग 35 किलोमीटर दूर तिरियारपानी के जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के गांवों के किसान, जैसे मांडाभर्री, रावस, तिरियारपानी और छिंदखड़क, अपने खेतों से भागकर गांव की ओर दौड़े। मुठभेड़ लगभग एक घंटे तक चली, जिसमें दोनों पक्षों से फायरिंग होती रही।

किसानों की प्रतिक्रिया

गोलियों की आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे किसान घबराए हुए थे। उन्होंने तुरंत अपने काम छोड़कर गांव की ओर दौड़ना शुरू किया। किसानों का कहना था कि इस प्रकार की घटनाओं से उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है, और वे अपनी आजीविका के लिए संघर्ष करते हैं।

सुरक्षा बलों की कार्रवाई

पुलिस और सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। मुठभेड़ के दौरान कोई भी नागरिक घायल नहीं हुआ, लेकिन किसानों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल बना रहा। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से नक्सलियों के हथियार और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की।

ग्रामीणों की सुरक्षा की चिंता

इस घटना ने ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि वे अपनी आजीविका के लिए खेतों में काम करते हैं, लेकिन इस प्रकार की घटनाओं से उनका जीवन संकट में पड़ जाता है। वे सुरक्षा की मांग कर रहे हैं ताकि वे बिना डर के अपने काम को जारी रख सकें।

निष्कर्ष

कांकेर जिले में हुई यह मुठभेड़ न केवल सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच संघर्ष को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा और उनके जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव को भी उजागर करती है। सरकार और सुरक्षा बलों को चाहिए कि वे ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं।

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