बिलासपुर के सकरी क्षेत्र में एक मेडिकल व्यवसायी के साथ हुए ऑनलाइन ठगी के मामले ने एक बार फिर से डिजिटल धोखाधड़ी की गंभीरता को उजागर किया है।
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बिलासपुर के सकरी क्षेत्र में एक मेडिकल व्यवसायी के साथ हुए ऑनलाइन ठगी के मामले ने एक बार फिर से डिजिटल धोखाधड़ी की गंभीरता को उजागर किया है।

29, 9, 2025

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बिलासपुर के सकरी क्षेत्र में एक मेडिकल व्यवसायी के साथ हुए ऑनलाइन ठगी के मामले ने एक बार फिर से डिजिटल धोखाधड़ी की गंभीरता को उजागर किया है। इस घटना में जालसाजों ने प्रधानमंत्री समृद्धि योजना के तहत 70 लाख रुपये के लोन पर 30 प्रतिशत छूट का झांसा देकर व्यवसायी से कुल 73 लाख रुपये की ठगी की। जब व्यवसायी ने लोन की राशि नहीं मिलने पर अपना पैसा वापस मांगा, तो जालसाजों ने उसे और पैसे जमा करने का दबाव डालते हुए सभी पैसे एक साथ लौटाने का आश्वासन दिया।

घटना का विवरण

सकरी के नेचर सिटी में रहने वाले 50 वर्षीय राजेश पांडेय एक मेडिकल व्यवसायी हैं। 12 फरवरी को उनके मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एक निजी फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी जिग्नेश त्रिवेदी बताया और कहा कि प्रधानमंत्री समृद्धि योजना के तहत व्यापार के लिए 50 लाख रुपये का लोन मिल सकता है। व्यापार के लिए लोन की आवश्यकता होने पर पांडेय ने उससे बातचीत की और आवश्यक दस्तावेज वाट्सएप के माध्यम से भेज दिए।

दस्तावेज मिलने के बाद जिग्नेश ने बताया कि पांडेय को 70 लाख रुपये का लोन मिल सकता है, जिसमें योजना के तहत 30 प्रतिशत छूट भी मिलेगी। इसके बाद उसने प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर 14 फरवरी को 19,900 रुपये की मांग की, जिसे पांडेय ने ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया। दो दिन बाद, 16 फरवरी को लोन इंश्योरेंस के नाम पर 35,700 रुपये की मांग की गई, जिसे भी पांडेय ने ऑनलाइन ट्रांसफर किया।

इस प्रकार, अलग-अलग बहानों से जालसाजों ने पांडेय से कुल 73 लाख रुपये की ठगी की। जब पांडेय को लोन की राशि नहीं मिली, तो उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा, लेकिन जालसाजों ने उसे और पैसे जमा करने का दबाव डालते हुए सभी पैसे एक साथ लौटाने का आश्वासन दिया।

पुलिस कार्रवाई

इस घटना की जानकारी मिलने पर पांडेय ने सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पांडेय द्वारा बताए गए बैंक खाते और मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जालसाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामले

यह घटना डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों का एक उदाहरण है। जालसाजों द्वारा विभिन्न योजनाओं और लोन का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठने की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे मामलों में आमतौर पर जालसाज खुद को सरकारी योजनाओं से जुड़े कर्मचारी बताकर लोगों को विश्वास में लेते हैं और फिर विभिन्न बहानों से पैसे मांगते हैं।

सावधानियां और सुझाव

इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर विश्वास न करें।

  • सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी आधिकारिक वेबसाइटों या संबंधित विभागों से प्राप्त करें।

  • किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें और सुनिश्चित करें कि वह सुरक्षित है।

  • किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में सावधानी और सतर्कता बेहद आवश्यक है। लोगों को जागरूक करने के लिए इस प्रकार की घटनाओं को साझा करना महत्वपूर्ण है, ताकि अन्य लोग भी इस प्रकार की धोखाधड़ी से बच सकें।

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