छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण के लिए पेड़ काटने पर 36 आदिवासियों को जेल

छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण के लिए पेड़ काटने पर 36 आदिवासियों को जेल

11, 8, 2025

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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बलौदाबाजार स्थित वन ग्राम छतालडबरा में सड़क निर्माण के लिए पेड़ काटने के आरोप में 36 आदिवासियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह घटना स्थानीय समुदाय और वन विभाग के बीच अधिकारों और विकास की आवश्यकता को लेकर बढ़ते तनाव का प्रतीक है।


🛤️ सड़क निर्माण की आवश्यकता

लगभग 100 आदिवासी परिवारों वाले इस गांव के निवासी महासमुंद जिले के अमलोर-सिरपुर मार्ग पर स्थित वन मार्ग का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग में झाड़-झंखाड़ और वन्य जीवों की उपस्थिति के कारण यात्रा करना खतरनाक हो गया था। इसलिए, उन्होंने सड़क निर्माण की मांग की थी।


🌳 पेड़ काटने का विवाद

सड़क निर्माण के लिए वन विकास निगम ने एक करोड़ रुपये का बजट तैयार कर शासन को भेजा था, लेकिन स्वीकृति अब तक नहीं मिली। इस बीच, ग्रामीणों ने बिना अनुमति के 89 मिश्रित प्रजाति के और 3 सागौन के पेड़ काट दिए। वन विकास निगम के अधिकारियों ने भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपितों को गिरफ्तार किया।


⚖️ कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारियां

गिरफ्तार किए गए 36 आदिवासियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई ने आदिवासी अधिकारों, वन संरक्षण और विकास की आवश्यकता के बीच संतुलन की आवश्यकता को उजागर किया है।


🗣️ समुदाय की प्रतिक्रिया

स्थानीय समुदाय का कहना है कि सड़क निर्माण उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक है। वे यह भी मानते हैं कि उनके पारंपरिक अधिकारों और वन संसाधनों की रक्षा की जानी चाहिए। इस मुद्दे ने विकास, अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण के बीच जटिल संबंधों को सामने लाया है।

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