बिलासपुर (19 मार्च 2026): छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग को निर्देशित किया है कि 5,967 पदों पर जारी आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। कोर्ट ने माना कि एक ही अभ्यर्थी के कई जिलों की मेरिट लिस्ट में नाम होने से पद खाली रहने की प्रबल संभावना है।
1. याचिका का मुख्य आधार: 'मल्टीपल डिस्ट्रिक्ट' आवेदन
भर्ती प्रक्रिया में शामिल याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट के समक्ष निम्नलिखित चुनौतियां रखी थीं:
दोहरा चयन: कई प्रतिभावान अभ्यर्थियों ने एक से अधिक जिलों से आवेदन किया और अपनी योग्यता के दम पर एक साथ 3-4 जिलों की चयन सूची में जगह बना ली।
पदों का नुकसान: नियमतः एक अभ्यर्थी केवल एक ही जिले में जॉइन कर सकता है, जिससे उसके द्वारा चयनित अन्य जिलों के पद खाली रह जाएंगे।
मांग: अभ्यर्थियों ने मांग की थी कि इन खाली पदों को 'डेड' (समाप्त) घोषित करने के बजाय मेरिट में ठीक नीचे वाले (वेटिंग लिस्ट) उम्मीदवारों को मौका दिया जाए।
2. राज्य सरकार का पक्ष और कोर्ट का तर्क
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने स्वीकार किया कि:
कुल 5,948 अभ्यर्थियों की चयन सूची प्रकाशित की गई है।
सरकार ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जो भी पद रिक्त बचेंगे, उन्हें नियमानुसार वेटिंग लिस्ट से ही भरा जाएगा।
जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू की बेंच का आदेश:
"यह स्पष्ट है कि वर्तमान चयन सूची से सभी विज्ञापित पद नहीं भर पाएंगे। अतः राज्य सरकार को निर्देशित किया जाता है कि जॉइनिंग के बाद खाली रह जाने वाले पदों को तत्काल वेटिंग लिस्ट के पात्र अभ्यर्थियों से भरें, ताकि भर्ती प्रक्रिया का उद्देश्य पूर्ण हो सके।"
3. भर्ती प्रक्रिया एक नजर में (Police Constable Recruitment 2024)
कुल विज्ञापित पद: 5,967
चयनित सूची में नाम: 5,948
विवाद का कारण: एक ही नाम का कई सूचियों में होना।
समाधान: वेटिंग लिस्ट से पदों की पूर्ति।
निष्कर्ष: वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवारों की उम्मीदें जगीं
हाईकोर्ट के इस फैसले से उन अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है जो मेरिट लिस्ट में कुछ ही अंकों से पीछे रह गए थे। अब जिला पुलिस बल को जॉइनिंग की अंतिम तिथि के बाद रिक्त पदों का डेटा तैयार करना होगा और अगली काउंसलिंग वेटिंग लिस्ट से शुरू करनी होगी।
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