बिलासपुर में LIC के नाम पर एक धोखाधड़ी के मामले की चर्चा हुई है, जिसमें कुछ लोगों को झूठे वादों और झूठी अफवाहों के कारण LIC पॉलिसी या अन्य बीमा सम्बंधित सेवाएँ दिलवाने का वादा किया गया, लेकिन वास्तविकता में उन्हें मुसीबतों का सामना करना पड़ा।
घटना की क्या स्थिति हो सकती है
कुछ व्यक्ति, एजेंट या कॉलर LIC के नाम से लोगों को कॉल/मैसेज करते हैं और यह दावा करते हैं कि नई योजनाएँ हैं, बोनस मिल सकता है, या प्रीमियम कम है आदि।
लोगों से उनकी पॉलिसी संख्या, बैंक खाते का विवरण, KYC आदि माँगे जाते हैं।
कभी-कभी इस तरह के संपर्कों में झूठे दस्तावेज़ या गलत जानकारी दी जाती है, जिससे पीड़ितों को भारी नुक़सान उठाना पड़ सकता है।
लोगों की शिकायतें
कुछ पीड़ितों ने शिकायत की होगी कि उन्होंने एजेंट के कहने पर पैसे दिए, लेकिन पॉलिसी या लाभ समय पर नहीं मिले।
या फिर कॉलर ने धोखे से बैंक विवरण माँगा और fraudulent ट्रांज़ैक्शन हुए हों।
संभव है कि एजेंट ने पॉलिसी का दस्तावेज़ ठीक से प्रदान नहीं किया हो, या पॉलिसी दस्तावेज़ में वादे पूरे नहीं किए गए हों।
कानूनी और प्रशासनिक पहल
पुलिस / लोक शिकायत विभाग को शिकायत दर्ज़ कराने की ज़रूरत है।
LIC की आधिकारिक शाखा या एजेंसी से मिलकर पक्का करना होगा कि एजेंट प्रमाणित हो।
IRDAI या बीमा उद्योग नियामक ऐसे मामलों की जांच कर सकते हैं, और ज़रूरत पड़े तो एजेंट के लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
सुरक्षा सुझाव
LIC या किसी भी बीमा कंपनी का एजेंट हों, तो पहले उसका प्रमाणपत्र देखें और शाखा से जांच करें।
किसी भी कॉल या मैसेज में व्यक्तिगत बैंक विवरण, OTP, KYC आदि ना साझा करें जब तक कि आप पूरी तरह सुनिश्चित न हों।
पॉलिसी दस्तावेज को ध्यान से पढ़ें, समझें कि कौन-सी शर्तें हैं, क्या वादा किया गया है।
कोई भी भुगतान करते समय रसीद लें, दस्तावेज़ी साक्ष्य रखें।
शिकायत करने हेतु LIC की ग्राहक सेवा या IRDAI के हेल्पलाइन से संपर्क करें।
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