नयी दिल्ली (3 अप्रैल 2026): शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत एक क्रांतिकारी कदम की घोषणा की है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से देश के 50,000 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 'स्किल लैब' (Skill Labs) स्थापित किए जाएंगे, ताकि छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल भी सिखाया जा सके।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • कोडिंग और एआई: नई योजना के अनुसार, कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस के बुनियादी मॉड्यूल अनिवार्य कर दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य भारत की अगली पीढ़ी को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करना है।

  • वोकेशनल ट्रेनिंग: छात्रों को अपनी पसंद के अनुसार बढ़ईगीरी, बागवानी, बिजली का काम या स्थानीय हस्तशिल्प सीखने का विकल्प भी मिलेगा। इसके लिए स्थानीय कारीगरों को स्कूलों में 'अतिथि प्रशिक्षक' के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।

  • डिजिटल बुनियादी ढांचा: केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए ₹5,500 करोड़ का बजट आवंटित किया है। हर 'स्किल लैब' में हाई-स्पीड इंटरनेट, लैपटॉप और आधुनिक उपकरणों की सुविधा होगी।

  • मूल्यांकन पद्धति में बदलाव: अब रिपोर्ट कार्ड केवल अंकों पर आधारित नहीं होगा, बल्कि इसमें छात्र द्वारा सीखे गए कौशलों (Skills) का भी विस्तृत विवरण होगा।

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