नई दिल्ली: यूएई के राजदूत ने 'पीटीआई' को दिए साक्षात्कार में यूएई पर हुए हमलों के आंकड़े साझा किए और भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को 'सिद्धांत आधारित' बताया।
1. भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि:
परिवार का दर्जा: अलशाली ने कहा कि यूएई में रह रहे 40 लाख भारतीय सुरक्षित हैं। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान ने खुद अस्पताल जाकर घायल भारतीयों से मुलाकात की और उनकी जिम्मेदारी ली है।
आर्थिक रीढ़: वर्ष 2024 में भारतीयों द्वारा यूएई से भारत भेजी गई धनराशि (Remittance) 21.6 अरब अमेरिकी डॉलर रही, जो भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है।
2. हमलों का विवरण और रक्षा प्रणाली:
यूएई ने ईरान पर 'बिना उकसावे के आक्रामक हमले' का आरोप लगाते हुए सुरक्षा की स्थिति स्पष्ट की:
हमलों के आंकड़े (20 मार्च तक): * 338 बैलिस्टिक मिसाइलें।
1,740 से अधिक ड्रोन हमले।
15 क्रूज मिसाइलें।
परिणाम: इन हमलों में 6 लोगों की मौत हुई और 158 घायल हुए।
सुरक्षा: यूएई की एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया है। स्कूल, अस्पताल और सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य रूप से चल रहे हैं।
3. भारत का कूटनीतिक समर्थन:
पीएम मोदी का फोन: राजदूत ने कहा कि किसी भी औपचारिक प्रक्रिया से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति को फोन किया, जिसे यूएई ने 'भाईचारे' के संकेत के रूप में लिया है।
UNSC प्रस्ताव 2817: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के इस प्रस्ताव का सह-प्रायोजन (Co-sponsorship) किया है। अलशाली ने कहा, "यूएई याद रखेगा कि संकट के समय कौन हमारे साथ खड़ा था। भारत सबसे पहले खड़े होने वाले देशों में से एक था।"
4. वर्तमान स्थिति:
यूएई ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संदेश दिया है कि उसकी संप्रभुता पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। राजदूत ने आश्वासन दिया कि एक करोड़ से अधिक लोग यूएई में सामान्य जीवन जी रहे हैं और देश पूरी तरह कार्यशील है।
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