बेंगलुरु (4 अप्रैल 2026): कल्पना कीजिए कि आप अंतरिक्ष से हर 90 मिनट में सूर्योदय देख रहे हैं! भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ने के साथ ही अब भारत के पहले 'ऑर्बिटल रिज़ॉर्ट' (Space Hotel) की चर्चा तेज हो गई है। कुछ प्रमुख भारतीय एयरोस्पेस स्टार्टअप्स ने इसरो के साथ मिलकर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का प्रारंभिक डिजाइन (Blue Print) साझा किया है।
विस्तृत विश्लेषण:
प्रोजेक्ट का खाका: यह होटल पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में एक मॉड्यूल के रूप में स्थापित होगा। इसमें कृत्रिम गुरुत्वाकर्षण (Artificial Gravity) और पृथ्वी जैसी सुख-सुविधाएं देने की योजना है। शुरुआती तौर पर इसे 'रिसर्च लैब' और 'पर्यटक आवास' के हाइब्रिड मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
लागत और चुनौती: अंतरिक्ष पर्यटन को आम जनता के लिए सुलभ बनाना सबसे बड़ी चुनौती है। हालांकि, पुनः प्रयोज्य रॉकेट (Reusable Rockets) की तकनीक विकसित होने से लॉन्चिंग की लागत 50% तक कम होने की उम्मीद है।
वैश्विक दौड़: अमेरिका और चीन के साथ अब भारत भी इस रेस में शामिल हो गया है। भारतीय होटल उद्योग के कुछ बड़े नामों ने भी इस प्रोजेक्ट में निवेश की रुचि दिखाई है।
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