बालासोर/नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): भारत ने अपनी अंतरिक्ष संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'एंटी-सैटेलाइट' (ASAT) मिसाइल के उन्नत संस्करण का सफल परीक्षण किया है। यह मिसाइल अब पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) से ऊपर जाकर 1,000 किमी की ऊंचाई पर किसी भी सक्रिय दुश्मन उपग्रह को इंटरसेप्ट करने में सक्षम है।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
तकनीकी उन्नतियां: नई मिसाइल में 'काइनेटिक किल' (Kinetic Kill) तकनीक का उपयोग किया गया है, जो बिना मलबे फैलाए (Minimal Debris) लक्ष्य को नष्ट कर सकती है।
रणनीतिक महत्व: उपग्रहों पर बढ़ती निर्भरता (जीपीएस, संचार, जासूसी) को देखते हुए यह क्षमता भारत के 'स्पेस कमांड' के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पूर्ण स्वदेशी: मिसाइल के सेंसर, नेविगेशन और प्रोपल्शन सिस्टम को पूरी तरह डीआरडीओ ने भारत में विकसित किया है।
ग्लोबल सिग्नल: भारत अब उन चुनिंदा 4 देशों में शामिल है जिनके पास यह जटिल तकनीक मौजूद है।
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