नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई क्रांति 'प्रिसिजन मेडिसिन' (Precision Medicine) की शुरुआत की है। अब एम्स (AIIMS) और टाटा मेमोरियल जैसे संस्थानों में कैंसर और हृदय रोग के मरीजों का इलाज उनके आनुवंशिक डेटा (Genetic Data) के आधार पर किया जा रहा है।
विस्तृत विश्लेषण:
दवा का असर: अक्सर एक ही दवा अलग-अलग मरीजों पर अलग तरह से काम करती है। 'जीनोमिक मेडिसिन' के जरिए डॉक्टर पहले मरीज के डीएनए का विश्लेषण करते हैं ताकि यह पता चल सके कि कौन सी दवा उसके शरीर पर सबसे ज्यादा प्रभावी होगी और किसके साइड-इफेक्ट्स कम होंगे।
कैंसर पर प्रहार: कीमोथेरेपी के बजाय अब 'टारगेटेड थेरेपी' दी जा रही है, जो केवल कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करती है। इससे मरीज की रिकवरी 40% तेज़ी से हो रही है।
सस्ती तकनीक: 'जीनोम इंडिया' प्रोजेक्ट की सफलता के कारण अब डीएनए सीक्वेंसिंग की लागत ₹50,000 से घटकर मात्र ₹5,000 रह गई है, जिससे यह आम जनता की पहुँच में आ गया है।
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