श्योपुर/भोपाल (4 अप्रैल 2026): भारत के महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट चीता' ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाई गई मादा चीतों ने इस सीजन में 10 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही भारत में अब चीतों की कुल संख्या 40 के पार पहुँच गई है।

विस्तृत विश्लेषण:

  • जलवायु अनुकूलन: वैज्ञानिकों के अनुसार, अफ्रीकी चीतों ने भारतीय जलवायु और शिकार (चीतल और नीलगाय) के साथ खुद को पूरी तरह ढाल लिया है। शावकों की उत्तरजीविता दर (Survival Rate) पिछले साल की तुलना में 50% बढ़ी है।

  • इको-टूरिज्म का उछाल: चीतों के आगमन से कूनो के आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन राजस्व में 300% की वृद्धि हुई है। स्थानीय समुदायों को 'गाइड' और 'होमस्टे' के जरिए रोजगार के नए अवसर मिले हैं।

  • नया कॉरिडोर: सरकार अब राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स और मध्य प्रदेश के गांधी सागर अभयारण्य को भी चीतों के लिए तैयार कर रही है, ताकि उनकी बढ़ती आबादी को सुरक्षित आवास मिल सके।

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