तिरुवनंतपुरम (4 अप्रैल 2026): सामाजिक समावेश (Social Inclusion) की दिशा में केरल सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य पुलिस बल में 'विशेष ट्रांसजेंडर बटालियन' की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही केरल पुलिस भर्ती में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए 1% कोटा लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • कठिन चयन प्रक्रिया: बटालियन के लिए चुने गए 150 रंगरूटों ने वही शारीरिक और लिखित परीक्षा पास की है जो सामान्य श्रेणी के पुलिसकर्मियों के लिए होती है। उन्हें विशेष कमांडो ट्रेनिंग और साइबर क्राइम विंग में भी तैनात किया जाएगा।

  • संवेदनशीलता प्रशिक्षण: ट्रांसजेंडर पुलिसकर्मियों की तैनाती से थानों में आने वाले ट्रांसजेंडर पीड़ितों और बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित माहौल बनेगा। अन्य पुलिसकर्मियों को भी 'जेंडर सेंसिटिविटी' (Gender Sensitivity) की ट्रेनिंग दी गई है।

  • कानूनी आधार: सुप्रीम कोर्ट के 'नालसा' (NALSA) फैसले को जमीन पर उतारते हुए अब तमिलनाडु और कर्नाटक ने भी इसी तरह की बटालियन बनाने की योजना शुरू की है।

  • समाज की सोच में बदलाव: पुलिस की वर्दी में ट्रांसजेंडर समुदाय की उपस्थिति से उनके प्रति समाज के दृष्टिकोण और भेदभाव में कमी आने की उम्मीद है।

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