गुरुग्राम (हरियाणा): विश्वविद्यालय के जैव विज्ञान विभाग (Department of Bioscience) द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में भारत सहित विदेशों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन के मुख्य बिंदु:
विषय और उद्देश्य: मुख्य रूप से सतत विकास (Sustainable Development), पर्यावरण सुरक्षा और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने पर केंद्रित।
बड़ी भागीदारी: सम्मेलन में 500 से अधिक शोधार्थी (Researchers), संकाय सदस्य और छात्र शामिल हुए।
शोध पत्रों का अंबार: इस वैश्विक विषय पर कुल 154 शोध पत्र प्राप्त हुए, जो इस क्षेत्र में हो रहे नए नवाचारों को दर्शाते हैं।
प्लास्टिक-मुक्त आयोजन: हरियाणा के कैबिनेट मंत्री ने विशेष रूप से विश्वविद्यालय की सराहना की कि पूरा सम्मेलन 'प्लास्टिक-मुक्त' रखा गया, जो खुद में एक मिसाल है।
कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह का संदेश:
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचे मंत्री राव नरबीर सिंह ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा:
"शोध और नवाचार (Innovation) तभी सार्थक हैं जब उनका लाभ आम आदमी तक पहुँचे। यदि युवा पीढ़ी अपने विचारों को धरातल पर उतारे, तो वे पर्यावरण संरक्षण के सच्चे योद्धा और अग्रदूत बन सकते हैं।"
नेतृत्व:
इस सत्र की अध्यक्षता गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजय कौशिक ने की। उन्होंने वैश्विक स्तर पर बढ़ रही पर्यावरणीय जागरूकता और शैक्षणिक संस्थानों की इसमें भूमिका पर जोर दिया।
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