कानपुर (4 अप्रैल 2026): IIT कानपुर के वैज्ञानिकों ने गुर्दा (Kidney) रोगियों के लिए एक क्रांतिकारी उपकरण विकसित किया है। यह दुनिया की सबसे छोटी पोर्टेबल डायलिसिस मशीन है, जिसे एक छोटे बैग में रखकर कहीं भी ले जाया जा सकता है।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
कम लागत: अस्पताल में एक डायलिसिस सेशन का खर्च ₹3,000 से ₹5,000 आता है, जबकि इस मशीन के जरिए यह मात्र ₹500 में संभव होगा।
आसान संचालन: इसे चलाने के लिए किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की जरूरत नहीं है; मरीज का परिवार साधारण ट्रेनिंग के बाद इसे घर पर संचालित कर सकता है।
ग्रामीण पहुँच: बिजली की कमी वाले क्षेत्रों के लिए इसमें सोलर-पावर्ड बैटरी पैक दिया गया है।
स्वदेशी तकनीक: इसे पूरी तरह भारत में निर्मित किया गया है, जिससे आयातित मशीनों पर निर्भरता खत्म होगी।
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