तेहरान/नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): भारत ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ईरान के चाबहार बंदरगाह के परिचालन के लिए 10 साल के दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता पाकिस्तान को बाईपास करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक भारत की पहुँच को स्थायी बनाता है।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
निवेश: भारत इस पोर्ट के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए $120 मिलियन का अतिरिक्त निवेश करेगा।
व्यापारिक लाभ: इस समझौते से भारत-रूस कॉरिडोर (INSTC) को नई गति मिलेगी, जिससे माल ढुलाई का समय 30% तक कम हो जाएगा।
रणनीतिक जीत: चाबहार को चीन द्वारा पाकिस्तान में विकसित 'ग्वादर पोर्ट' का प्रभावी जवाब माना जा रहा है।
क्षेत्रीय शांति: यह प्रोजेक्ट अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में भी मदद करेगा।
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