मुख्यमंत्री का कड़ा रुख:
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता और अनैतिक आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा:
"रतनलाल डांगी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस तरह के आचरण से सरकार की छवि खराब हो रही थी, इसलिए उन्हें सेवा से निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।"
पीड़िता के गंभीर आरोप और असंतोष:
निलंबन की खबर के बाद पीड़िता ने मीडिया के सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए:
कठोर सजा की मांग: पीड़िता ने कहा कि केवल निलंबन से उन्हें न्याय नहीं मिला है; वे आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं।
जांच को प्रभावित करने का आरोप: पीड़िता का दावा है कि प्रभावशाली पद पर होने के कारण डांगी ने जांच में देरी करवाई और उन्हें (पीड़िता को) ही झूठे केस में फंसाने की साजिश रची गई।
मानसिक प्रताड़ना: पीड़िता ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम से उन्हें सामाजिक और मानसिक रूप से काफी पीड़ा झेलनी पड़ी है।
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