रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) में हुए भर्ती घोटाले की जांच में सीबीआई ने कई बड़े खुलासे किए हैं। भूपेश बघेल सरकार के दौरान 5 वर्षों में प्रदेश में 78 सरकारी भर्ती परीक्षाएँ आयोजित की गईं, जबकि रमन सरकार में औसतन 45 परीक्षाएँ होती थीं। सीबीआई अब 2020 से 2022 तक की परीक्षाओं में पेपर लीक की जानकारी जुटा रही है।
टामन-आरती की जोड़ी और भर्ती परीक्षाएँ
सीबीआई की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि केवल सीजीपीएससी 2021 ही नहीं, बल्कि वर्ष 2020 से 2022 तक आयोजित कई परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक कराए गए। इस पूरे मामले में पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर की भूमिका प्रमाणित हुई है।
अधिकारियों की संलिप्तता
सीबीआई ने चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी से जुड़े कई पुख्ता सबूत जुटाए हैं। 15 जुलाई 2024 को पीएससी के तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव के भिलाई स्थित निवास पर छापेमारी के दौरान वर्ष 2021 की मुख्य परीक्षा के पेपर-7 और पेपर-2 के अभ्यास उत्तर बरामद किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि ध्रुव के पुत्र सुमित को वही प्रश्नपत्र पूर्व में उपलब्ध कराए गए थे, जिसके आधार पर उसका चयन हुआ।
पेपर लीक की जांच
सीबीआई ने अब तक 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। चर्चा है कि उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर का चयनित अन्य अभ्यर्थियों के स्वजनों से भी संपर्क रहा है। इस दिशा में भी जांच जारी है। इन सभी आरोपितों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज है। आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।
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