1. बड़े चेहरों का आत्मसमर्पण (33 लाख का इनाम):

कांकेर एसपी के सामने आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों में परतापुर एरिया कमेटी की महत्वपूर्ण सदस्य स्वरूपा उसेंडी शामिल हैं, जिन पर अकेले 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा 5 अन्य नक्सलियों पर 5-5 लाख के इनाम थे।

सरेंडर करने वाले प्रमुख कैडर:

  • स्वरूपा उसेंडी (PPCM): 8 लाख की इनामी।

  • मंगेश पोडियमी (CM), गणेश वीके (ACM), मंगती जुर्री (ACM), हिडमे मरकाम उर्फ सुनीता (ACM), और राजे (ACM)।

2. हथियारों के साथ 'घर वापसी':

नक्सली अपने साथ केवल विचारधारा ही नहीं, बल्कि विनाश के हथियार भी छोड़कर आए हैं। उन्होंने पुलिस को निम्नलिखित हथियार सौंपे:

  • 01 नग SLR (Self-Loading Rifle)

  • 02 नग .303 राइफलें

3. 'पापराव' के बाद ढहता किला:

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े लीडर पापराव के सरेंडर के बाद अब छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का कोई बड़ा 'थिंक टैंक' या नेतृत्व नहीं बचा है। पिछले 26 महीनों में 2700 से अधिक माओवादियों का मुख्यधारा में लौटना सरकार की 'पुनर्वास नीति' की बड़ी जीत मानी जा रही है।


आईजी सुंदरराज पी. की अपील:

बस्तर रेंज के आईजी ने शेष बचे नक्सलियों से मार्मिक अपील करते हुए कहा है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी नक्सली शांतिपूर्ण जीवन के लिए आगे आएंगे, उन्हें पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, रोजगार और सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

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