नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि भारत ने निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए अपना पहला समर्पित वेंचर कैपिटल फंड तैयार कर लिया है। यह फंड विशेष रूप से उन स्टार्टअप्स को समर्थन देगा जो सैटेलाइट निर्माण, लॉन्च व्हीकल और अंतरिक्ष डेटा विश्लेषण में काम कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
निवेश का ढांचा: फंड का प्रबंधन IN-SPACe द्वारा किया जाएगा और वित्त वर्ष 2026-27 से इसके तहत पहली खेप का वितरण शुरू होगा।
पीएसएलवी और एसएसएलवी: निजी कंपनियों को अब इसरो के सफल रॉकेट्स (PSLV) के व्यावसायिक उत्पादन की अनुमति दी जा रही है।
रोजगार: इस पहल से अगले 5 वर्षों में अंतरिक्ष क्षेत्र में 1 लाख से अधिक उच्च-कुशल रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
ग्लोबल शेयर: भारत का लक्ष्य वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में अपनी हिस्सेदारी 2% से बढ़ाकर 10% करना है।
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