नयी दिल्ली/पुणे (3 अप्रैल 2026): भारतीय घरों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब 'स्मार्ट बल्ब' से लेकर 'स्मार्ट रेफ्रिजरेटर' तक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का उपयोग केवल अमीरों तक सीमित नहीं रह गया है। 2026 में मध्यम वर्गीय परिवारों के बीच होम ऑटोमेशन की मांग में अभूतपूर्व उछाल आया है।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
ऊर्जा की बचत: स्मार्ट प्लग और मोशन-सेंसर लाइट के उपयोग से अनावश्यक बिजली की खपत कम हुई है। डेटा से पता चला है कि जिन घरों में एआई-आधारित एसी कंट्रोलर लगे हैं, उनके बिजली बिल में औसतन 15% की गिरावट आई है।
घरेलू सुरक्षा: एआई-संचालित डोर-बेल और सीसीटीवी कैमरे अब अजनबियों की पहचान कर सकते हैं और संदिग्ध गतिविधि होने पर मालिक के फोन पर तुरंत वीडियो अलर्ट भेजते हैं।
किफायती समाधान: भारतीय स्टार्टअप्स ने कम कीमत पर 'मेक इन इंडिया' स्मार्ट होम किट लॉन्च की हैं, जो साधारण घरों को भी स्मार्ट बना देती हैं। अब इन्हें वॉयस असिस्टेंट (एलेक्सा, गूगल) के साथ हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी नियंत्रित किया जा सकता है।
स्मार्ट किचन: अब ओवन और चिमनी को ऐप के जरिए दूर से ही नियंत्रित किया जा सकता है, जो कामकाजी पेशेवरों के लिए समय प्रबंधन में बड़ी मदद साबित हो रहा है।
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