नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्वदेशी 'स्वचालित ट्रेन सुरक्षा' प्रणाली 'कवच' (Kavach) की प्रगति की समीक्षा की। अब तक 3,103 रूट किलोमीटर पर यह तकनीक सफलतापूर्वक स्थापित की जा चुकी है, जो ट्रेनों के आपस में टकराने के खतरे को शून्य कर देती है।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
रियल-टाइम मॉनिटरिंग: 'सुरक्षा' (SURAKSHA) नामक एआई-आधारित प्लेटफॉर्म अब कवज से लैस ट्रेनों की रियल-टाइम निगरानी कर रहा है।
दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर: दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे हाई-डेंसिटी रूटों पर कवज का काम 90% पूरा हो चुका है।
भविष्य की योजना: रेलवे ने हर साल 10,000 किलोमीटर ट्रैक पर कवज लगाने का लक्ष्य रखा है, ताकि पूरे देश का रेल नेटवर्क सुरक्षित हो सके।
लोकोमोटिव अपग्रेड: अब तक 4,277 इंजनों में कवज डिवाइस लगाए जा चुके हैं, जिससे सिग्नल जंपिंग (SPAD) की घटनाओं पर लगाम लगी है।
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