स्कूली बच्चों और ग्रामीणों में उल्टी-दस्त की शिकायत; प्रशासन ने शुरू की जांच
भावनगर (3 अप्रैल 2026): गुजरात के भावनगर जिले में संदिग्ध खाद्य विषाक्तता (Food Poisoning) की दो अलग-अलग घटनाओं ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। स्कूली बच्चों सहित लगभग 200 लोग दूषित भोजन के कारण बीमार पड़ गए, जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा।
खबर के मुख्य बिंदु:
स्कूल में भाजी-पाव का असर: पहली घटना एक स्थानीय स्कूल की है, जहां बुधवार को नाश्ते में भाजी-पाव खाने के बाद 52 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। सरकारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीलेश संतारिया के अनुसार, बच्चों ने लगातार उल्टी की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया।
मंदिर के प्रसाद से 100+ बीमार: दूसरी घटना सिहोरे तहसील के खम्भा गांव की है। यहाँ एक मंदिर के कार्यक्रम में वितरित 'प्रसाद' खाने के बाद 100 से अधिक ग्रामीणों को उल्टी और दस्त जैसे लक्षण महसूस हुए।
अस्पताल में मची भगदड़: बीमार लोगों को तुरंत सिहोरे के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। गनीमत रही कि समय पर इलाज मिलने से किसी की जान को खतरा नहीं हुआ और प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश लोगों को छुट्टी दे दी गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई: स्वास्थ्य विभाग ने भोजन और प्रसाद के नमूने (Samples) लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि भोजन बनाने में किन दूषित सामग्रियों का उपयोग किया गया था।
निष्कर्ष: गर्मियों की शुरुआत के साथ ही खाने-पीने की चीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों और धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
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