दुर्ग जिले के भिलाई में मतांतरण की बहसों के बीच यूथ सिख सेवा समिति ने एक सकारात्मक सामाजिक पहल की है। रविवार को कैंप-2 स्थित गुरुद्वारा श्री हरगोबिंद साहिब में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ एक परिवार की सिख धर्म में ससम्मान वापसी कराई गई। समिति के अनुसार, संबंधित परिवार ने अतीत में पारिवारिक परिस्थितियों या किसी प्रलोभन के वश में आकर अपना धर्म बदल लिया था, लेकिन सिख धर्म की सेवा भावना और उच्च सिद्धांतों ने उन्हें दोबारा अपने मूल जड़ों की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया।
धार्मिक अनुष्ठान और स्वागत: कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखने के लिए विशेष कीर्तन और अरदास का आयोजन किया गया:
कीर्तन: रागी कमलजीत सिंह द्वारा शबद कीर्तन किया गया।
अरदास व मुखवाक: ग्रंथी सतविंदर सिंह ने अरदास की और पवित्र मुखवाक लेकर परिवार को गुरु चरणों से जोड़ा।
सम्मान: समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू और सिख पंचायत के महासचिव गुरनाम सिंह कूका ने परिवार के सदस्यों को 'सिरोपाव' भेंट कर समाज में उनका स्वागत किया।
समिति का भविष्य का संकल्प: यूथ सिख सेवा समिति के पदाधिकारियों (जसवंत सिंह सैनी, मलकीत सिंह और हरपाल सिंह हैप्पी) ने स्पष्ट किया कि "मानव सेवा ही माधव सेवा" उनका मूल मंत्र है। समिति ने घोषणा की है कि वे भविष्य में भी उन परिवारों की हर संभव मदद करेंगे जो आर्थिक या सामाजिक दबाव में अपना धर्म छोड़ चुके हैं और अब स्वेच्छा से वापस आना चाहते हैं। समाज की महिलाओं (स्त्री सत्संग जत्था) ने भी इस पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
आयोजन स्थल: गुरुद्वारा हरगोबिंद साहिब, कैंप-2, भिलाई।
पहल: यूथ सिख सेवा समिति द्वारा 'घर वापसी' कार्यक्रम।
कारण: परिवार सिख धर्म के 'सेवा भाव' और सिद्धांतों से प्रेरित हुआ।
सामाजिक संदेश: जरूरतमंद परिवारों की मदद और धर्म संरक्षण का संकल्प।
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