रायपुर में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा प्रस्तुत सड़क मरम्मत प्रस्ताव पर सवाल उठे हैं। विभाग ने 337 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण के लिए 110.17 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। हालांकि, इस सूची में कुछ ऐसी सड़कों को भी शामिल किया गया है, जिनमें कोई गड्ढा नहीं है, जबकि जर्जर सड़कों को नजरअंदाज किया गया है।
🛣️ विवादित सड़कें और मरम्मत सूची
गुढ़ियारी-टाटीबंध सड़क: यह सड़क पूरी तरह से दुरुस्त है, फिर भी इसके नवीनीकरण के लिए 8.38 करोड़ रुपये का बजट मांगा गया है।
कचहरी चौक से मोवा ओवरब्रिज तक सड़क: यह सड़क भी अच्छी स्थिति में है, लेकिन इसके लिए 1.60 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
गोंदवारा, गुढ़ियारी रामनगर, कोटा, महोबाबाजार, हीरापुर, टाटीबंध फोर सड़क: यह लगभग 9.40 किलोमीटर लंबी सड़क भी दुरुस्त है, फिर भी इसके लिए 8.38 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
🏚️ जर्जर सड़कों की अनदेखी
विभाग ने कुछ जर्जर सड़कों को मरम्मत सूची से बाहर रखा है, जैसे कि:
भाठागांव सड़क: यह सड़क अत्यधिक खराब स्थिति में है, लेकिन इसे सूची में शामिल नहीं किया गया है।
भनपुरी रेलवे क्रॉसिंग की सड़क: यह सड़क भी बहुत खराब है और यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं, फिर भी इसे मरम्मत सूची में स्थान नहीं मिला है।
🔍 विभाग की सफाई
रायपुर के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप ने बताया कि बारिश के बाद रायपुर जिले की कुल 337 किलोमीटर सड़क का नवीनीकरण करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलते ही काम शुरू किया जाएगा।
हालांकि, विभाग ने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है कि क्यों दुरुस्त सड़कों को मरम्मत सूची में शामिल किया गया है और जर्जर सड़कों को क्यों छोड़ा गया है।
यह स्थिति नागरिकों और स्थानीय नेताओं के लिए चिंता का विषय बन गई है, जो चाहते हैं कि विभाग जर्जर सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता दे और जनता के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित करे।
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